
बेइज्जती के बाद ‘महानता’ की तारीफ… जानें व्हाइट हाउस में ट्रंप-शहबाज मुलाकात का सच
Trump Pakistan PM Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक को लेकर मीडिया और कूटनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना कि शहबाज और मुनीर को राष्ट्रपति से मिलने से पहले व्हाइट हाउस के गेट पर लंबा इंतजार करना पड़ा।
गेट पर करना पड़ा इंतजार
रिपोर्ट्स के अनुसार, जब शहबाज और मुनीर ट्रंप का इंतजार कर रहे थे, उस समय राष्ट्रपति टिकटॉक से जुड़ी कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर रहे थे और मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस कारण दोनों नेताओं को मुलाकात के लिए गेट पर ही इंतजार करना पड़ा। जैसे ही ट्रंप का कार्यक्रम समाप्त हुआ, उन्हें ओवल ऑफिस में प्रवेश करने का अवसर मिला।
बैठक में चर्चा के मुद्दे
- द्विपक्षीय संबंधों का सुधार और मजबूती
- व्यापार और आर्थिक सहयोग के अवसर
- क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद पर निगरानी
- वैश्विक और रणनीतिक मामलों पर विचार
ट्रंप की तारीफ
बैठक से पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से कहा –
“आज हमारे पास एक महान नेता आ रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल बहुत महान इंसान हैं, और प्रधानमंत्री भी।”
हालांकि, गेट पर लंबा इंतजार करना शहबाज और मुनीर के लिए कुछ हद तक बेइज्जती जैसा अनुभव रहा।
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पिछली मुलाकातों का संदर्भ
- जून 2025 में ट्रंप ने मुनीर को व्हाइट हाउस में लंच के लिए आमंत्रित किया था। यह पाकिस्तानी आर्मी चीफ की पहली सोलो विजिट थी।
- अगस्त में भी मुनीर वाशिंगटन गए थे।
- जून की मुलाकात में द्विपक्षीय व्यापार, सुरक्षा सहयोग और क्षेत्रीय तनाव कम करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी।
बैठक में शामिल अन्य अधिकारी
इस बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और मध्य पूर्व मामलों के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ भी मौजूद थे।
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राजनीतिक पृष्ठभूमि और विवाद
- शहबाज शरीफ ने ट्रंप के पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव कम करने के प्रयासों के लिए उनका नोबेल शांति पुरस्कार के लिए सार्वजनिक समर्थन किया था।
- भारत ने ट्रंप की भूमिका को लेकर इस दावे को अस्वीकार किया।
- इस प्रकार, मुलाकात को केवल औपचारिक राजनयिक बैठक न मानकर, क्षेत्रीय कूटनीति और द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
कूटनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि गेट पर लंबा इंतजार होना सिंबोलिक संदेश भी माना जा सकता है – यह दिखाता है कि ट्रंप के लिए समय और कार्यक्रम प्राथमिकता आधारित है। वहीं, बैठक के बाद की तारीफ से यह संदेश गया कि द्विपक्षीय रिश्तों को महत्व दिया जा रहा है।
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