Budget 2026-27 की तैयारियां तेज… वित्त मंत्री ने शीर्ष अर्थशास्त्रियों संग की अहम बैठक

Nirmala Sitharaman: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारियों की शुरुआत करते हुए देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों के साथ पहली प्री-बजट बैठक की। बैठक में मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन, आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) के सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जाने-माने अर्थशास्त्री शामिल हुए।

वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा —

“केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज नई दिल्ली में आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के संबंध में प्रमुख अर्थशास्त्रियों के साथ पहले बजट-पूर्व चर्चा की अध्यक्षता की।”


व्यापार में आसानी और टैक्स सुधारों पर फोकस
सूत्रों के अनुसार, यह बैठक व्यापार में सुगमता (Ease of Doing Business) बढ़ाने, टैक्स ढांचे को सरल बनाने, और राजकोषीय अनुशासन के साथ विकास गति को बनाए रखने पर केंद्रित रही। सरकार चाहती है कि टैक्स कटौती और राहत का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, जिससे आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सके।

लगातार हो रही हैं बजट-पूर्व बैठकें
वित्त मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि आगामी बजट के लिए विभिन्न क्षेत्रों — जैसे उद्योग, बैंकिंग, कृषि, MSME और सामाजिक क्षेत्र — से सुझाव प्राप्त करने हेतु प्री-बजट चर्चाओं की श्रृंखला चलाई जा रही है।

बीते महीने पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) के प्रतिनिधियों ने राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव से मुलाकात की थी। बैठक के बाद पीएचडीसीसीआई के सीईओ और महासचिव डॉ. रणजीत मेहता ने बताया कि सरकार अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष कर दोनों पर व्यापक विचार-विमर्श कर रही है।

“हमने एमएसएमई सेक्टर की लिक्विडिटी समस्याओं पर सरकार को सुझाव दिए हैं। सरकार का रुख काफी सकारात्मक है और उद्योग जगत को इससे बड़ी राहत की उम्मीद है,” मेहता ने कहा।

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नए कानूनों के क्रियान्वयन पर भी चर्चा
पीएचडीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष साकेत डालमिया ने बताया कि उद्योग जगत ने सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया कि नए कानूनों को अंतिम मील तक लागू करने में कठिनाइयां आ रही हैं। इस पर वित्त मंत्रालय ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए सुझावों पर विचार का आश्वासन दिया है।

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अगले कुछ सप्ताहों में अन्य क्षेत्रों से भी संवाद
सूत्रों कि माने तो आने वाले दिनों में वित्त मंत्रालय कृषि, रोजगार, बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इकॉनमी और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों से भी राय लेगा।

यह बैठक आगामी बजट 2026-27 की दिशा तय करने वाली शुरुआती चर्चाओं में से एक मानी जा रही है, जिसका मुख्य लक्ष्य समावेशी विकास, कर सुधार और आर्थिक स्थिरता को संतुलित रूप से आगे बढ़ाना होगा।

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