‘ऑपरेशन सिन्दूर’ की पायलट से मिलीं राष्ट्रपति, खुल गया पाकिस्तान का पोल…

Ambala News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को हरियाणा के अंबाला एयर फोर्स स्टेशन का दौरा किया और भारतीय वायुसेना की राफेल पायलट स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह से मुलाकात की। अंबाला एयरबेस वही स्थान है जहां भारतीय वायुसेना का पहला राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डनएरोज’ तैनात है।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब करीब पांच महीने पहले पाकिस्तान के नेटवर्क्स ने झूठा दावा किया था कि भारत की राफेल पायलट शिवांगी सिंह को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पकड़ लिया गया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया पर शिवांगी सिंह के साथ अपनी एक तस्वीर साझा की, जिसमें दोनों राफेल फाइटर जेट के सामने मुस्कुराते हुए नजर आ रही हैं।

कौन हैं स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह?
उत्तर प्रदेश के वाराणसी की रहने वाली शिवांगी सिंह बचपन से ही उड़ान भरने का सपना देखती थीं। दिल्ली स्थित एयर फोर्स म्यूजियम की यात्रा ने उनमें वायुसेना में शामिल होने की प्रेरणा दी। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से पढ़ाई की और एनसीसी एयर विंग से जुड़कर अपने सपने को दिशा दी।

इसके बाद शिवांगी ने हैदराबाद स्थित एयर फोर्स एकेडमी (AFA) में प्रशिक्षण प्राप्त किया और 2017 में वायुसेना की दूसरी महिला फाइटर पायलट बैच का हिस्सा बनीं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत MiG-21 बाइसन विमान से की — जो भारत के सबसे तेज़ और चुनौतीपूर्ण फाइटर जेट्स में से एक है।

साल 2020 में शिवांगी सिंह राफेल फाइटर जेट उड़ाने वाली भारत की पहली महिला पायलट बनीं। वर्तमान में वह भारतीय वायुसेना की 17 स्क्वाड्रन ‘गोल्डनएरोज’ में तैनात हैं।

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पाकिस्तान की खोली पोल
मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के कुछ नेटवर्क्स ने यह झूठी खबर फैलाई थी कि एक भारतीय राफेल विमान गिराया गया और उसकी महिला पायलट को बंदी बना लिया गया। इस फर्जी दावे ने सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरी थीं।

हालांकि आज राष्ट्रपति मुर्मू के साथ शिवांगी सिंह की राफेल के सामने खींची गई ताज़ा तस्वीर ने उन सभी झूठे दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व
शिवांगी सिंह ने फ्रांस में एक्सरसाइज ‘ओरियन 2023’ सहित कई अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने पूर्वी लद्दाख और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) जैसे संवेदनशील इलाकों में भी अभियानों में भाग लिया है।

उनकी निडरता, सटीकता और कर्तव्यनिष्ठा ने उन्हें भारतीय वायुसेना की प्रेरणास्रोत महिला अधिकारियों में शुमार कर दिया है। राष्ट्रपति मुर्मू की यह मुलाकात न केवल भारतीय महिलाओं की सशक्त भूमिका को सम्मानित करती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि देश की बेटियां अब हर मोर्चे पर अग्रणी हैं।

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