Iran में रियाल की गिरावट से भड़का प्रदर्शन, सेंट्रल बैंक प्रमुख ने दिया इस्तीफा

Iran’s Protest After Currency Falls: ईरान में स्थानीय मुद्रा रियाल में लगातार गिरावट के कारण देशभर में जनता सड़कों पर उतर आई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रियाल के तेज़ी से कमजोर होने और महंगाई में वृद्धि ने आम लोगों की क्रय शक्ति पर गंभीर असर डाला है, जिससे पिछले तीन वर्षों का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।

प्रदर्शनकारियों की मांगें
तेहरान के डाउनटाउन इलाके और ग्रैंड बाजार के आसपास व्यापारियों ने विरोध जताया और कई दुकानें बंद कर दीं। इस्फहान, शिराज और मशहद जैसे प्रमुख शहरों में भी प्रदर्शन हुए। विरोध केवल आर्थिक असंतोष तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे राजनीतिक चेतावनी के रूप में भी देखा जा रहा है।

सेंट्रल बैंक प्रमुख का इस्तीफा
रियाल में गिरावट और बढ़ती महंगाई के दबाव में सेंट्रल बैंक प्रमुख मोहम्मद रज़ा फरजीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सरकारी टेलीविजन चैनल ने इसकी पुष्टि की।

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पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा
तेहरान के कुछ इलाकों में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और डंडों का इस्तेमाल किया। विरोध प्रदर्शन 2022 के व्यापक आंदोलन के बाद सबसे बड़े स्तर पर हुए हैं। उस समय हिजाब नियमों के उल्लंघन में महसा अमीनी की मौत के बाद देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे।

मुद्रा गिरावट और आर्थिक संकट
रविवार को ईरानी रियाल डॉलर के मुकाबले गिरकर लगभग 14.2 लाख प्रति डॉलर पर पहुंच गया। सोमवार को थोड़ी रिकवरी के बाद यह 18.3 लाख प्रति डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा। जब फरजीन ने 2022 में पद संभाला था, तब रियाल 4.3 लाख प्रति डॉलर था।

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जनता का उबाल और राजनीतिक संदेश
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रैंड बाजार जैसे ऐतिहासिक और राजनीतिक स्थलों में व्यापारियों का प्रदर्शन केवल आर्थिक संकट का संकेत नहीं है, बल्कि सरकार के लिए गंभीर राजनीतिक संदेश भी है। जनता का उबाल अब पिछले तीन वर्षों के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन के रूप में सामने आया है।

महंगाई और मुद्रा संकट की वजह से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं। यदि सरकार ने जल्द ही आर्थिक और राजनीतिक सुधार नहीं किए, तो विरोध प्रदर्शन और भी बड़े स्तर पर फैल सकते हैं।

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