
राहुल गांधी का बड़ा आरोप; मोदी जी को गांधी के विचारों और गरीबों से… नफरत
Rahul Gandhi on MGNREGA: लोकसभा में विपक्ष के जबरदस्त हंगामे के बीच सरकार ने मंगलवार को ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक’ 2025 पेश किया, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का स्थान ले रहा है। विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी भी दी गई। इस फैसले के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा।
राहुल गांधी का आरोप
कांग्रेस नेता और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि उन्हें महात्मा गांधी के विचारों और गरीबों के अधिकारों से नफरत है। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीणों के लिए रोजगार और सुरक्षा का आधार रही है, जिसने कोविड काल में उनकी आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित की। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार पिछले दस सालों से इस योजना को कमजोर करने की कोशिश करती रही और अब इसका नाम बदलकर समाप्त करने का प्रयास कर रही है।
मोदी जी को दो चीज़ों से पक्की नफ़रत है – महात्मा गांधी के विचारों से और गरीबों के अधिकारों से।
मनरेगा, महात्मा गांधी के ग्राम-स्वराज के सपने का जीवंत रूप है – करोड़ों ग्रामीणों की ज़िंदगी का सहारा है, जो कोविड काल में उनका आर्थिक सुरक्षा कवच भी साबित हुआ।
मगर, प्रधानमंत्री मोदी…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 16, 2025
मनरेगा के मूल सिद्धांत
- रोजगार का अधिकार: जो भी काम मांगेगा, उसे मिलेगा।
- गांव की स्वतंत्रता: गांव अपने प्रगति कार्य खुद तय कर सकते हैं।
- केंद्र का योगदान: मजदूरी का पूरा खर्च और समान लागत का 75% केंद्र द्वारा।
नया बिल और केंद्र की शक्ति
राहुल गांधी ने कहा कि नया बिल सारी शक्ति केंद्र में केंद्रित करने का प्रयास है। इसके तहत:
- बजट, योजनाएं और नियम केंद्र तय करेगा।
- राज्यों को 40% खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जाएगा।
- बजट खत्म होने या फसल कटाई के मौसम में दो महीने तक किसी को काम नहीं मिलेगा।
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महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान
राहुल गांधी ने इसे महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान बताया और कहा कि यह बिल ग्रामीण गरीबों की सुरक्षित रोज़ी-रोटी को खतरे में डाल सकता है।
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विपक्ष की मांग
विपक्ष ने विधेयक को वापस लेने या इसे संसदीय समिति में भेजने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाना उनका अपमान है।
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