रेलवे लोको पायलटों ने ड्यूटी घंटे सीमित करने की उठाई मांग, इंडिगो संकट का दिया हवाला

Indian Railway Loco Pilot: भारतीय रेलवे के लोको पायलट अपनी ड्यूटी के घंटों को सीमित करने की मांग कर रहे हैं। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) ने कहा कि थकान से बचने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह जरूरी है। उन्होंने यह मांग इंडिगो एयरलाइन में पायलटों के ड्यूटी नियमों के हवाले से की है।

एसोसिएशन की चिंता

  • सरकारी कर्मचारियों पर अक्सर कड़ी कार्रवाई होती है, जबकि निजी कंपनियों के मामलों में सरकार नरम रहती है।
  • अगर लोको पायलट अपनी मांगों पर अड़े, तो रेल सेवाओं पर असर पड़ सकता है और यात्रियों को परेशानी हो सकती है।

इंडिगो का संकट

  • इंडिगो एयरलाइन का संकट आठवें दिन भी जारी।
  • आज तक देशभर में 200 से अधिक फ्लाइट रद्द।
  • पिछले कुछ दिनों में कुल 2000 से अधिक उड़ानें कैंसिल हुई।
  • एयरलाइन का कहना है कि 10 दिसंबर तक स्थिति सामान्य हो जाएगी।

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पायलटों की मांगें

  • FRMS आधारित कार्य प्रणाली लागू हो।
  • दैनिक ड्यूटी सीमा छह घंटे।
  • हर ड्यूटी के बाद 16 घंटे का आराम।
  • साप्ताहिक आराम सुनिश्चित किया जाए।

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अंतरराष्ट्रीय उदाहरण
एसोसिएशन ने बताया कि यूरोपीय संघ (ईयू) के रेलवे सख्त संचयी ड्यूटी और आराम की सीमा का पालन करते हैं।

  • अमेरिकी रेलवे आवर्स ऑफ सर्विस एक्ट (Hours of Service Act) के तहत काम करते हैं, जिसमें अनिवार्य रूप से ऑफ-ड्यूटी आराम का प्रावधान है।
  • ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में कर्मचारियों के ड्यूटी शेड्यूल को डिजाइन करने के लिए उन्नत बायो-मैथमेटिकल मॉडल का उपयोग किया जाता है।

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