संभल में हिंसा की पहली बरसी पर शहर में सुरक्षा कड़ी, CM योगी पहुंचे अयोध्या

UP News: एक साल पहले 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की हिंसा की पहली बरसी पर संभल जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हैं। शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। तीन सेक्शन – पीएसी, आरआरएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च कर रही हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

मुख्यमंत्री का दौरा और तैयारियां
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अयोध्या दौरे पर पहुंचे और मंगलवार को राम मंदिर ध्वजारोहण कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेंगे।

अदालत और मुकदमे
पुलिस ने हिंसा से जुड़े 12 मुकदमों में अब तक कुल 133 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 70 से अधिक आरोपी अभी भी जेल में हैं, जबकि बाकी या तो जमानत पर हैं या अदालत में पैरवी के बाद जेल भेजे जा चुके हैं। प्रमुख आरोपियों में सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क और कुख्यात भगोड़ा अपराधी शारिक साटा जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की कठोर धाराओं के तहत दर्ज इन मामलों में योगी सरकार की पुलिस तेजी से पैरवी कर रही है। सरकारी वकीलों को निर्देश दिए गए हैं कि दोषियों को किसी भी कीमत पर सजा दिलाई जाए। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही कई केसों में चार्जशीट पूरी होकर ट्रायल शुरू हो जाएगा।

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सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
हिंसा के बाद संभल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार ने बड़े पैमाने पर काम किया है। इसमें शामिल हैं:

  • दो नए पुलिस थाने का निर्माण
  • 33 नई पुलिस चौकियां और 5 आउटपोस्ट
  • 250 से अधिक हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों से लैस अत्याधुनिक कंट्रोल रूम
  • पूरे शहर में 24×7 निगरानी

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पुलिस का संदेश और नागरिकों से अपील
एसपी संभल, केके बिश्नोई ने आम जनता से अपील की है कि आज का दिन सामान्य दिनों की तरह बिताएं, दुकानें खोलें और अपने काम-धंधे करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि कोई भी व्यक्ति अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि आजादी के बाद से संभल में कुल 17 सांप्रदायिक दंगे हो चुके थे, लेकिन किसी भी मामले में आरोपी को सजा नहीं मिली थी। कई मुकदमे तत्कालीन सरकारों ने वापस ले लिए थे और कई में गवाह पलट गए थे। पहली बार संभल पुलिस किसी दंगे के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए इतनी गंभीरता से जुटी हुई है।

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