Sonam Wangchuck Case की सुनवाई टली, अब 24 नवंबर को होगी अगली कार्यवाही

Suprime Court Hearing: लद्दाख के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत की गई नजरबंदी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई टल गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी।

यह याचिका वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो की ओर से दायर की गई है, जिसमें उनकी नजरबंदी की वैधता और प्रशासनिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

अदालत की कार्यवाही
जस्टिस अरविंद कुमार और एन.वी. अंजारिया की दो-न्यायाधीशों की बेंच ने बताया कि उन्हें बुधवार को ही सरकार का हलफनामा प्राप्त हुआ है, इसलिए वे अगली तारीख पर संशोधित याचिका पर सुनवाई करेंगे।

गीतांजलि अंगमो की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि उन्होंने मंगलवार शाम नई अर्जी दाखिल की है, जिसमें हलफनामा और अतिरिक्त दस्तावेज शामिल हैं। अदालत ने संशोधित याचिका को स्वीकार करते हुए दस्तावेज़ दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया और सरकार को दस दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके बाद सुनवाई 24 नवंबर को होगी।

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याचिका के तर्क
मूल याचिका में यह कहा गया था कि अधिकारियों ने एनएसए की धारा 8 के तहत हिरासत के कारण निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत नहीं किए। इस धारा के अनुसार, बंदी को एक निश्चित अवधि में उसकी हिरासत के कारणों से अवगत कराना आवश्यक है।

हालांकि, लेह प्रशासन ने जिला मजिस्ट्रेट रोमिल सिंह डोंक के माध्यम से दाखिल अपने हलफनामे में दावा किया कि वांगचुक को समय पर उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों और हिरासत के कारणों की जानकारी दे दी गई थी।

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क्यों हुई थी गिरफ़्तारी?
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को कुछ महीने पहले राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। प्रशासन का दावा था कि उनकी गतिविधियाँ सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा थीं।
इस कार्रवाई के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और कई नागरिक अधिकार समूहों ने इसे मनमाना और असंवैधानिक करार दिया।

अब सभी की निगाहें 24 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहाँ सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि क्या वांगचुक की नजरबंदी कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप थी या नहीं।

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