सोनम वांगचुक की NSA हिरासत रद्द… 170 दिन बाद रिहाई का रास्ता साफ

Sonam Wangchuk: लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ National Security Act (NSA) के तहत जारी हिरासत आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। गृह मंत्रालय के इस फैसले के बाद वांगचुक की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है और वे जल्द ही जेल से बाहर आ सकते हैं।

सरकार ने शांति और संवाद को बताया कारण
गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से उचित विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है, ताकि सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक और सार्थक बातचीत को बढ़ावा दिया जा सके।

सरकार का मानना है कि इस कदम से लद्दाख में चल रहे आंदोलन और गतिरोध को कम करने में मदद मिल सकती है तथा केंद्र और स्थानीय संगठनों के बीच बातचीत का रास्ता मजबूत होगा।

2025 के विरोध प्रदर्शनों के बाद हुई थी गिरफ्तारी
दरअसल, सितंबर 2025 में लद्दाख के लेह में राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची और स्थानीय लोगों के लिए भूमि-नौकरी सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर बड़े विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ने के बाद प्रशासन ने 26 सितंबर 2025 को सोनम वांगचुक को NSA के तहत हिरासत में ले लिया था।

उन्हें बाद में जोधपुर सेंट्रल जेल में रखा गया था और करीब 170 दिनों से वे हिरासत में थे।

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देशभर में उठी थी रिहाई की मांग
वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद देशभर में कई सामाजिक संगठनों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों ने विरोध जताया था। मामला अदालत तक भी पहुंचा और हिरासत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई थी।

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लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी
सरकार का कहना है कि लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न समुदायों और नेताओं के साथ संवाद जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि वांगचुक की रिहाई के बाद केंद्र सरकार और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच नए सिरे से बातचीत शुरू हो सकती है, जिससे क्षेत्र की मांगों पर समाधान तलाशने की कोशिश होगी।

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