Iran में संकट की आहट? भारतीय दूतावास की एडवाइजरी के बाद बढ़ी चिंता

Iran News: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को लेकर भारत सरकार सतर्क हो गई है। भारतीय दूतावास ने वहां मौजूद भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी कर उन्हें सतर्क रहने और पासपोर्ट सहित जरूरी दस्तावेज तैयार रखने को कहा है। इससे रेस्क्यू और संभावित निकासी (इवैकुएशन) की चर्चा तेज हो गई है।

ईरान में कितने भारतीय रहते हैं?
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक ईरान में करीब 8 से 10 हजार भारतीय नागरिक रहते हैं। इनमें छात्र, व्यापारी, पेशेवर और कुछ धार्मिक अध्ययन या तीर्थ से जुड़े लोग शामिल हैं। कई भारतीय मेडिकल और तकनीकी शिक्षा के लिए भी वहां जाते हैं।

एडवाइजरी क्यों जारी की गई?
क्षेत्रीय सुरक्षा हालात को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह कदम उठाया है। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। एडवाइजरी में भारतीयों से स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और दूतावास से संपर्क में रहने को कहा गया है।

रेस्क्यू और इवैकुएशन कैसे होगा?
भारत सरकार आमतौर पर संकट की स्थिति में चरणबद्ध तरीके से निकासी अभियान चलाती है।

  • जरूरत पड़ने पर विशेष उड़ानों या चार्टर्ड विमानों की व्यवस्था की जा सकती है।
  • नौसेना और वायुसेना की मदद से समुद्री या हवाई मार्ग से निकासी संभव है।
  • पहले संवेदनशील इलाकों में रहने वाले भारतीयों को प्राथमिकता दी जाती है।

दूतावास हेल्पलाइन और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के जरिए नागरिकों का डेटा तैयार किया जाता है।

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पहले भी चल चुके हैं बड़े ऑपरेशन
भारत इससे पहले कई देशों से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाल चुका है। उदाहरण के तौर पर ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से हजारों भारतीयों को वापस लाया गया था। इसके अलावा यमन, अफगानिस्तान और सूडान जैसे देशों से भी समय-समय पर सफल निकासी अभियान चलाए गए हैं।

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भारतीयों से क्या अपील
सरकार ने सभी भारतीय नागरिकों से कहा है कि वे दूतावास की वेबसाइट और सोशल मीडिया पर जारी अपडेट पर नजर रखें, अपने संपर्क विवरण अपडेट करें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन का उपयोग करें।

फिलहाल, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार का कहना है कि जरूरत पड़ने पर तत्काल निकासी अभियान शुरू किया जाएगा, ताकि ईरान में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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