
सपा ने संसद में खोली ‘चंदे की बोरी’, ₹1.57 लाख जुटाने का दावा; मचा सियासी घमासान…
New Delhi: संसद के मानसून सत्र के 18वें दिन समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर एक बार फिर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। सपा सांसद बुधवार को संसद परिसर में चंदे की बोरी, दान पेटी और बैनर-पोस्टर लेकर पहुंचे। इस दौरान सांसदों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राम मंदिर से जुड़े चंदे के हिसाब-किताब में पारदर्शिता की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान सपा सांसदों ने ‘चंदा चोर’ और ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ जैसे नारे लगाए। पार्टी सांसदों का कहना है कि संसद परिसर में इस मुद्दे को लेकर अब तक ₹1 लाख 57 हजार का चंदा एकत्र किया जा चुका है। सपा नेताओं के मुताबिक, इस राशि को संसद का सत्र समाप्त होने के बाद कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में जमा कराया जाएगा।
डिंपल यादव ने सरकार पर साधा निशाना
सपा सांसद डिंपल यादव ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में भ्रष्टाचार विभिन्न विभागों में गहराई तक पहुंच गया है। डिंपल यादव ने कहा कि सरकार सनातन और आस्था की बात करती रही है, लेकिन अब आस्था से जुड़े चंदे में चोरी के आरोप सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े किसी भी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। सपा सांसदों ने इसी मुद्दे को लेकर सरकार से जवाब मांगने की बात कही।
‘चंदे की बोरी’ बनी विरोध का प्रतीक
संसद परिसर में सपा सांसदों का प्रदर्शन अपने अनोखे अंदाज के कारण चर्चा में रहा। सांसद एक बड़ी बोरी लेकर पहुंचे, जिस पर चंदे से जुड़े नारे और संदेश लिखे गए थे। पार्टी नेताओं ने इसे प्रतीकात्मक विरोध बताते हुए कहा कि जनता से धार्मिक आस्था के नाम पर जुटाए गए धन का पूरा हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए।
सपा सांसदों ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान लोगों से जो राशि एकत्र की गई है, उसे किसी राजनीतिक गतिविधि में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक, जुटाई गई रकम को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में जमा कराया जाएगा।
मंगलवार को भी दान पेटी लेकर पहुंचे थे सांसद
समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को भी संसद परिसर में प्रदर्शन किया था। उस दौरान सपा सांसद दान पेटी लेकर संसद पहुंचे थे और चंदा एकत्र किया था। बुधवार को पार्टी ने इसी प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए दान पेटी के साथ चंदे की बोरी भी लेकर विरोध जताया।
सपा नेताओं का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़े धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता की मांग को सामने रखने का तरीका है।
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संसद में चर्चा की मांग
विपक्षी दलों ने राम मंदिर से जुड़े चंदे के हिसाब-किताब के मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की है। सपा सांसदों का कहना है कि धार्मिक संस्थाओं और आस्था से जुड़े अभियानों के लिए जुटाए गए धन के संबंध में जनता को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार को इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और चंदे के संग्रह, प्रबंधन तथा खर्च का पूरा विवरण सामने रखना चाहिए। वहीं, इस तरह के राजनीतिक आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब भी महत्वपूर्ण है।
छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ भी प्रदर्शन
सपा सांसदों के बुधवार के प्रदर्शन में केवल राम मंदिर चंदे का मुद्दा ही नहीं रहा। सांसदों ने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर सवाल खड़े किए और कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान संसद परिसर में विपक्षी सांसदों की नारेबाजी और प्रदर्शन से राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। सपा ने संकेत दिया कि वह छात्रों से जुड़े मुद्दों और चंदे के हिसाब-किताब जैसे विषयों को संसद में लगातार उठाती रहेगी।
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सियासी संदेश देने की कोशिश
सपा के इस प्रदर्शन को आगामी राजनीतिक लड़ाई के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी धार्मिक आस्था, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के मुद्दों को जोड़कर केंद्र सरकार पर हमला बोल रही है। ‘चंदे की बोरी’ और दान पेटी के जरिए सपा ने इस मुद्दे को प्रतीकात्मक और दृश्यात्मक रूप से जनता तक पहुंचाने की कोशिश की है।
फिलहाल सपा की ओर से ₹1.57 लाख चंदा जुटाए जाने का दावा किया गया है और इसे कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर में जमा कराने की बात कही गई है। इस प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने एक बार फिर संसद में धार्मिक चंदे की पारदर्शिता और छात्रों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने का प्रयास किया है।
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