Jordan में पीएम मोदी की खास खातिरदारी… क्राउन प्रिंस ने खुद ड्राइव कर पहुंचाया म्यूजियम

PM Modi Jordan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (16 दिसंबर, 2025) को जॉर्डन के क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला II के साथ जॉर्डन म्यूजियम पहुंचे। खास बात यह रही कि क्राउन प्रिंस ने उन्हें खुद अपनी कार में संग्रहालय तक ले जाकर स्वागत किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इस अनुभव की तस्वीर साझा की और इसे एक “विशेष पल” बताया।


जॉर्डन म्यूजियम: संस्कृति और इतिहास का केंद्र
जॉर्डन म्यूजियम देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पुरातात्विक इतिहास को संरक्षित करता है। यह संग्रहालय 1.5 मिलियन साल के जॉर्डन के इतिहास और नवाचार की कहानी को प्रदर्शित करता है और शैक्षिक कार्यक्रमों के माध्यम से ज्ञान साझा करता है।

द्विपक्षीय समझौते और साझेदारी
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी जॉर्डन यात्रा भारत-जॉर्डन साझेदारी को नया विस्तार देगी। उन्होंने सोमवार को किंग अब्दुल्ला II से मुलाकात की और व्यापार को 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।
यात्रा के दौरान कई क्षेत्रों में समझौते (MoU) अंतिम रूप पर पहुंचे:

  • संस्कृति और विरासत संरक्षण
  • अक्षय ऊर्जा और जल प्रबंधन
  • डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर
  • पेट्रा और एलोरा के बीच ट्विनिंग व्यवस्था

तकनीकी और पर्यावरणीय सहयोग
पीएम मोदी ने बताया कि ये समझौते स्वच्छ विकास, जलवायु सुरक्षा और डिजिटल नवाचार में साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। जल संसाधन प्रबंधन और विकास में सहयोग दीर्घकालिक जल सुरक्षा और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान सुनिश्चित करेगा।

यह भी पढ़ें…

राम का नाम बदनाम ना करो… शशि थरूर ने संसद में कांग्रेस के सुर में मिलाए सुर

सांस्कृतिक आदान-प्रदान और शिक्षा
सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (2025-2029) के तहत दोनों देशों के बीच पर्यटन, अकादमिक और विरासत संरक्षण के नए अवसर खुलेंगे। डिजिटल नवाचार साझा करने से जॉर्डन के डिजिटलीकरण में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें…

लोकसभा में ‘जी राम जी’ पर बवाल; प्रियंका ने कहा- नाम बदलने की सनक…

यात्रा का व्यापक महत्व
पीएम मोदी की यह जॉर्डन की पहली पूर्ण द्विपक्षीय यात्रा है। अम्मान से तीन देशों का दौरा शुरू हुआ, जिसमें इथियोपिया और ओमान भी शामिल हैं। दोनों नेता क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा कर रहे हैं।

इस यात्रा से भारत-जॉर्डन संबंधों को नई ऊर्जा मिलेगी, और आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें…

मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने पर विपक्ष का विरोध तेज, केंद्र सरकार घिरी

Back to top button