
Lucknow: आंबेडकर जयंती पर मायावती का शक्ति प्रदर्शन, सपा और BJP का मेगा इवेंट…
Ambedkar Jayanti: बसपा सुप्रीमो मायावती 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती के मौके पर राजधानी लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन कर रही हैं, वहीं समाजवादी पार्टी और बीजेपी भी कई कार्यक्रमों का आयोजन कर रही हैं।
Ambedkar Jayanti: उत्तर प्रदेश में आज डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती मनाई जा रही है। राजधानी लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने आवास पर डॉ. आंबेडकर को श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस मौके पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं के नाम संदेश जारी किया। प्रदेश में इस वर्ष आंबेडकर जयंती केवल स्मृति दिवस के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, जागरुकता और जनसंपर्क के व्यापक अभियान के रूप में मनाई जा रही है। 2027 के चुनाव से पहले बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती आखिर क्यों इतनी अहम हो गई?
परिवर्तन स्थल पर भी बड़ा कार्यक्रम आयोजित
अंबेडकर जयंती पर BSP ने लखनऊ के डॉ. भीमराव सामाजिक परिवर्तन स्थल पर भी बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया, जहां प्रदेश के सभी 18 मंडलों से कार्यकर्ता पहुंचे. स कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने ‘बाबा साहेब का मिशन अधूरा, BSP करेगी पूरा’ जैसे नारों के साथ सामाजिक परिवर्तन के संकल्प को दोहराया.
मायावती ने अंत में कहा कि सरकारों को अंबेडकर जयंती के मौके पर बहुजन समाज की सुरक्षा, सम्मान और विकास का आकलन करना चाहिए, ताकि समाज में व्याप्त अन्याय और शोषण को खत्म किया जा सके.
मायावती ने किया बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण
मायावती ने कहा कि बाबा साहेब का ‘सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय’ का सिद्धांत तभी प्रभावी हो सकता है, जब देश और राज्यों में बहुजन समाज पार्टी की सरकार बने. इस मौके पर लखनऊ में मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि अंबेडकर के संघर्षों की बदौलत ही देश के वंचित वर्गों को आत्मसम्मान और समान अधिकार मिला है.
यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने यह भी कहा कि लंबे समय तक केंद्र की सरकारों ने अंबेडकर को भारत रत्न देने में देरी की, लेकिन BSP के राजनीतिक संघर्ष के चलते उन्हें यह सम्मान मिला. साथ ही उन्होंने मंडल आयोग की सिफारिशों के तहत OBC वर्ग को आरक्षण मिलने को भी बहुजन आंदोलन की बड़ी उपलब्धि बताया।
बाबा साहेब की जयंती पर मेगा इवेंट्स
दरअसल, ऐसा माना जा रहा है कि अंबेडकर जयंती से 2027 के विधानसभा चुनाव का औपचारिक शंखनाद भी हो जाएगा. सत्ता के सिंहासन पर काबिज होने के लिए दलित वोट बैंक कितना अहम है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बसपा के साथ ही सपा और बीजेपी भी बाबा साहेब की जयंती पर मेगा इवेंट्स आयोजित कर रही हैं.
बसपा जहां आज लखनऊ में 2 लाख से अधिक की भीड़ जुटाकर शक्ति प्रदर्शन करेगी तो वहीं समाजवादी पार्टी गांव-गांव में पीडीए का झंडा बुलंद करेगी. दूसरी तरफ बीजेपी ने व्यापक तैयारी की है. बीजेपी पूरे प्रदेश में ‘युवा संवाद संगम’ और मूर्ति सौंदर्यीकरण और 11 हजार दीप जलाने की बड़ी योजना चला रही है. अब आप इसी से समझ सकते हैं कि यूपी की सियासत में बाबा साहेब क्यों सभी दलों की मजबूरी बने हुए हैं.





