H-1B वीजा पर कड़ा पहरा… ट्रंप प्रशासन ने की 85,000 से ज्यादा वीजा कैंसल, इंटरव्यू पर भी रोक

US Visa: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीज़ा और इमिग्रेशन नीतियों पर रिकॉर्ड स्तर की सख्ती लागू कर दी है। इसके चलते दुनिया के कई देशों के वीज़ा आवेदकों, खासकर भारत के H-1B वीज़ा चाहने वालों पर बड़ा असर पड़ा है। जनवरी 2025 से अब तक अमेरिका ने 85,000 से अधिक वीज़ा रद्द कर दिए हैं, जबकि H-1B वीज़ा की जांच को और कठोर बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। नई व्यवस्था के अनुसार अब वीज़ा अप्लिकेंट्स को अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल सार्वजनिक करने की बाध्यता होगी, ताकि अधिकारी उनकी डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच कर सकें।

अमेरिकी दूतावास ने जारी की चेतावनी
ट्रंप प्रशासन की सख्ती का सबसे सीधा प्रभाव भारत के उन आवेदकों पर पड़ा है जो एच-1बी वीज़ा के लिए आवेदन कर रहे हैं। कई आवेदकों के वीज़ा इंटरव्यू को अगले साल तक टाल दिया गया है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, दिसंबर 2024 के मध्य और अंत में निर्धारित इंटरव्यू को मार्च 2025 तक के लिए स्थगित किया गया है।

अमेरिकी दूतावास ने वीज़ा अपॉइंटमेंट से जुड़े निर्देश भी जारी किए हैं। दूतावास ने मंगलवार रात सभी अप्लिकेंट्स को सलाह दी कि अगर उन्हें अपॉइंटमेंट कैंसिल होने का ईमेल मिला है तो चिंता न करें—नई तारीख पर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही चेताया गया कि पुरानी तारीख पर निर्धारित अपॉइंटमेंट के आधार पर आने वाले आवेदकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।


सोशल मीडिया प्रोफाइल को सार्वजनिक करने का दबाव
मामले में इमीग्रेशन लॉ विशेषज्ञों ने बताया कि सरकार अब वीज़ा आवेदकों के सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल इतिहास को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रही है। वकील स्टीवन ब्राउन के अनुसार, नई व्यवस्था में आवेदकों को अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल सार्वजनिक करने होंगे। अधिकारी अब ऑनलाइन गतिविधियों को स्कैन कर यह आकलन करेंगे कि कहीं आवेदक किसी प्रकार का सुरक्षा जोखिम तो नहीं।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी स्पष्ट तौर पर कहा है कि हर वीज़ा निर्णय मूल रूप से एक राष्ट्रीय सुरक्षा का निर्णय है।

H-1B वीज़ा पर अतिरिक्त भार और शुल्क
एच-1बी वीज़ा पर पहले से ही कई तरह की सख्त निगरानी लागू है। सितंबर 2024 में राष्ट्रपति ट्रंप ने नए H-1B वीज़ा पर एक बार में 1,00,000 डॉलर (लगभग 88 लाख रुपये) का शुल्क लगा दिया था। यह कदम अमेरिकी नौकरी बाजार की सुरक्षा के नाम पर उठाया गया, लेकिन इससे भारतीय पेशेवरों की चुनौतियां और बढ़ गईं।

इसके साथ ही कई देशों के लिए—ग्रीन कार्ड, नागरिकता और अन्य इमिग्रेशन आवेदनों पर भी अस्थायी रोक लगाई गई है, खासकर उस घटना के बाद जब अफ़गान मूल के एक व्यक्ति ने नेशनल गार्ड सैनिकों पर हमला किया था।

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क्यों रद्द हुए 85,000 वीज़ा?
अमेरिका के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2025 से अब तक 85,000 वीज़ा रद्द किए जा चुके हैं। इनमें 8,000 से अधिक छात्र वीज़ा भी शामिल हैं। जिन कारणों से वीज़ा रद्द हुए, उनमें प्रमुख हैं:

  • शराब पीकर गाड़ी चलाना (DUI)
  • चोरी और हमला जैसे अपराध
  • सुरक्षा जोखिम
  • विवादित या हिंसा-समर्थक गतिविधियां

इसके अलावा, कंजर्वेटिव कार्यकर्ता चार्ली किर्क की हत्या पर कथित तौर पर ‘जश्न’ मनाने वालों के वीज़ा भी रद्द किए गए। गाजा संघर्ष से जुड़े छात्र प्रदर्शनों में शामिल विदेशी छात्रों की भी विशेष जांच की गई है।

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वीज़ा मिलने के बाद भी होगी निगरानी
अमेरिकी विदेश विभाग ने अगस्त 2024 में एक नई नीति लागू की थी—
अब अमेरिका 5.5 करोड़ से अधिक मौजूदा वीज़ा धारकों की लगातार जांच और निगरानी करेगा।

इसमें शामिल होगा:

  • सोशल मीडिया स्कैन
  • संदिग्ध गतिविधियों पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग
  • यात्रा इतिहास की समीक्षा
  • ऑनलाइन व्यवहार की रिपोर्टिंग

यह पहली बार है जब अमेरिका ने वीज़ा होल्डर्स पर इतनी व्यापक स्तर की निगरानी का एलान किया है।

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