महिलाओं के लिए वरदान है ‘सुप्त भद्रासन’… दूर होगा तनाव चिड़चिड़ापन और पीरियड क्रैंप

Yoga: योग भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जो शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने का माध्यम है। इसी योग परंपरा में एक अत्यंत प्रभावशाली आसन है — सुप्त भद्रासन। यह आसन शरीर और मन दोनों को गहराई से विश्राम देता है और इसे रिक्लाइनिंग बाउंड एंगल पोज़ के नाम से भी जाना जाता है।

सुप्त भद्रासन क्या है
‘सुप्त’ का अर्थ है लेटा हुआ और ‘भद्र’ का अर्थ है शुभ या अच्छा। इस आसन को प्राचीन योगाचार्यों ने गहरी शांति और सुकून पाने के लिए तैयार किया था। आज भी इसे योग सत्रों के अंत में विश्राम के लिए किया जाता है।

कैसे करें सुप्त भद्रासन

  • योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।
  • दोनों पैरों के तलवों को मिलाएं और घुटनों को धीरे-धीरे बाहर की ओर गिरने दें।
  • हाथों को साइड में, पेट पर या सिर के नीचे रख सकते हैं।
  • आंखें बंद करके कुछ मिनटों तक गहरी सांस लें और शरीर को पूरी तरह से ढीला छोड़ दें।
  • आसन से बाहर आने के लिए धीरे-धीरे घुटनों को सीधा करें और सामान्य स्थिति में लौट आएं।

फायदे

  • तनाव और चिड़चिड़ापन दूर करता है।
  • बेहतर नींद में मदद करता है।
  • कमर, कूल्हे और घुटनों के दर्द को कम करता है।
  • तंत्रिका तंत्र को संतुलित और शांत करता है।
  • महिलाओं में पीरियड्स के दौरान ऐंठन से राहत देता है।
  • शरीर की लचीलापन और रक्त संचार को बढ़ाता है।

सावधानियां

  • गर्भवती महिलाएं इस आसन को लंबे समय तक न करें।
  • अगर घुटनों या कूल्हों में दर्द है तो डॉक्टर से सलाह लें।
  • शुरुआती अभ्यास में अधिक समय तक इस स्थिति में न रहें।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, सुप्त भद्रासन एक आरामदायक योगासन है जो शरीर और मन को सुकून देता है। नियमित अभ्यास से यह न केवल तनाव और अनिद्रा को दूर करता है, बल्कि शरीर को ऊर्जावान और संतुलित भी बनाता है।

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