तमिलनाडु सरकार खेती और भूमि सर्वेक्षण में लगाएगी DGCA प्रमाणित ड्रोन, खरीद प्रक्रिया शुरू

Tamil Nadu News: खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और भूमि सर्वेक्षण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए तमिलनाडु सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार के अधीन कार्य करने वाले तमिलनाडु अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स कॉरपोरेशन (TNUAVC) ने डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) से प्रमाणित कृषि ड्रोन और सर्वे ग्रेड ड्रोन की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है।

DGCA से मिली मंजूरी
राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों श्रेणियों के ड्रोन ने डीजीसीए के कड़े परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। सुरक्षा, प्रदर्शन और संचालन के सभी मानकों पर ये ड्रोन खरे उतरे हैं। अधिकारी ने कहा कि डीजीसीए का टाइप सर्टिफिकेशन किसी भी ड्रोन के औपचारिक उपयोग के लिए अनिवार्य होता है। इससे न केवल सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि ड्रोन को सरकारी सब्सिडी और संस्थागत ऋण के लिए भी पात्रता मिलती है।

ड्रोन की खरीद प्रक्रिया शुरू
टीएनयूएवीसी ने दोनों प्रकार के ड्रोन की खरीद के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। अधिकारी के अनुसार, ये हल्के कृषि ड्रोन मजबूत कार्बन फाइबर से बनाए गए हैं और किसानों को एंड-टू-एंड तकनीकी समाधान प्रदान करेंगे। इनमें सटीक स्प्रे सिस्टम, कस्टमाइज्ड नोजल्स, और एंटी-इंटरफेरेंस एंटीना लगे होंगे, जिससे खेतों में बिना किसी रुकावट के कीटनाशक या उर्वरक का छिड़काव किया जा सकेगा।

इन ड्रोन में अर्ली वार्निंग अलर्ट, ऑटोमैटिक रिटर्न-टू-होम जैसी स्मार्ट सुरक्षा सुविधाएं भी होंगी। अधिकारी ने बताया कि ये ड्रोन पौधों की वृद्धि और खेत की घनत्व के आधार पर सटीक मात्रा में छिड़काव करने में सक्षम होंगे। इन्हें आसानी से असेंबल किया जा सकता है और इनके साथ फ्लाइट क्रैश वारंटी भी दी जाएगी।

राज्य में 50 कृषि ड्रोन खरीदने की योजना
तमिलनाडु सरकार शुरुआती चरण में लगभग 50 कृषि ड्रोन खरीदने की योजना बना रही है। इसके साथ ही, टीएनयूएवीसी सर्वे ग्रेड ड्रोन भी खरीदेगा, जिनका उपयोग भूमि और अन्य क्षेत्रों की सटीक एरियल मैपिंग के लिए किया जाएगा। इन ड्रोन में अत्याधुनिक इमेजिंग सिस्टम लगाए गए हैं जो स्पष्ट और उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें और वीडियो कैप्चर करने में सक्षम हैं। इससे भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, योजना निर्माण और निगरानी की प्रक्रिया और अधिक सटीक व पारदर्शी बनेगी।

यह भी पढ़ें…

Delhi Blast के बाद असम में भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई, 15 गिरफ्तार

डाटा सुरक्षा और जलवायु अनुकूल डिजाइन
अधिकारी के अनुसार, इन ड्रोन में मजबूत डाटा सुरक्षा प्रणाली है जो किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को जानकारी तक पहुंचने से रोकती है। इन्हें इस तरह डिजाइन किया गया है कि ये विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों, अत्यधिक गर्मी या ठंड जैसे तमिलनाडु के बदलते जलवायु में भी सुचारू रूप से कार्य कर सकें।

यह भी पढ़ें…

कर्नाटक जेल में आतंकियों को VIP ट्रीटमेंट… कांग्रेस सरकार पर BJP का हमला

तकनीकी शासन की दिशा में बड़ा कदम
इन अत्याधुनिक ड्रोन प्रणालियों के माध्यम से तमिलनाडु सरकार का उद्देश्य प्रिसिजन एग्रीकल्चर (Precision Agriculture) को बढ़ावा देना, भूमि सर्वेक्षण को सरल बनाना और शासन में तकनीकी नवाचारों का विस्तार करना है। खरीद प्रक्रिया अगले कुछ हफ्तों में पूरी होने की संभावना है, जिसके बाद इन ड्रोन को राज्य के विभिन्न जिलों में चरणबद्ध तरीके से तैनात किया जाएगा।

राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से न केवल कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी यह एक मील का पत्थर साबित होगी।

यह भी पढ़ें…

Karur Stampede: 41 की मौत के बाद सीबीआई जांच तेज, 306 लोगों को भेजा गया समन

Back to top button