
सर्दियों में बढ़ जाती है यूरिन इंफेक्शन की समस्या, विशेषज्ञों ने बताए ये प्राकृतिक उपाय
Health: उत्तर भारत में ठंड बढ़ने के साथ ही यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों में पानी कम पीने और शरीर के डिहाइड्रेट होने से बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे पेशाब में जलन, दर्द और बार-बार पेशाब आने की समस्या बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाएँ पुरुषों की अपेक्षा इस संक्रमण की अधिक शिकार होती हैं।
ठंड में क्यों बढ़ता है UTI का खतरा?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि सर्दियों में लोग सामान्यतः कम पानी पीते हैं, जिससे पेशाब गाढ़ा होता है और बैक्टीरिया के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो जाता है।
इसके साथ ही—
- अधिक मसालेदार भोजन
- गर्म कपड़ों के कारण शरीर में नमी
- प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर पड़ना
- किडनी स्टोन का खतरा बढ़ना
ये सभी कारक यूरिनरी इंफेक्शन को और अधिक बढ़ावा देते हैं।
एंटीबायोटिक का ज्यादा सेवन बढ़ाता है खतरा
यूरिन में जलन या दर्द की शिकायत होने पर लोग तुरंत एंटीबायोटिक लेना शुरू कर देते हैं, जो विशेषज्ञों के अनुसार सही नहीं है। अनियंत्रित एंटीबायोटिक सेवन से शरीर में रेसिस्टेंस बढ़ जाता है और दवा का प्रभाव कम होने लगता है।
आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उपायों से भी मिल सकता है आराम
आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सा के विशेषज्ञ डॉ. सलीम जैदी बताते हैं कि कुछ प्राकृतिक चीजें UTI के लक्षणों में तेजी से राहत देती हैं और संक्रमण को जड़ से खत्म करने में मदद करती हैं। इनमें खीरा, नींबू, शहद और क्रैनबेरी विशेष रूप से लाभकारी माने जाते हैं।
खीरा: शरीर को हाइड्रेट रखने का प्राकृतिक तरीका
खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाता है और मूत्रमार्ग में मौजूद बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद करता है।
इसमें मौजूद डिटॉक्स गुण ब्लैडर को साफ रखने में सहायक होते हैं और पेशाब की जलन कम करते हैं।
नींबू: इम्यूनिटी बढ़ाए, बैक्टीरिया घटाए
विटामिन-C से भरपूर नींबू यूरीन को हल्का अल्कलाइन बनाता है, जिससे बैक्टीरिया की वृद्धि रुकती है।
यह पेशाब में दर्द, जलन और सूजन को कम करने में मदद करता है।
शहद: प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल
शहद में एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं।
गुनगुने पानी में शहद और नींबू मिलाकर पीने से मूत्रमार्ग की जलन और संक्रमण में आराम मिल सकता है।
क्रैनबेरी: UTI रोकने में वैज्ञानिक रूप से साबित
क्रैनबेरी में मौजूद प्रोएंथोसायनिडिन्स (PACs) बैक्टीरिया को मूत्रमार्ग की दीवारों से चिपकने से रोकते हैं।
यह बार-बार होने वाली UTI की समस्या के लिए सबसे प्रभावी प्राकृतिक उपायों में से एक माना जाता है।
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कैसे करें सेवन? विशेषज्ञ की बताई विधि
विशेषज्ञों के अनुसार, निम्न मिश्रण UTI के लक्षणों में राहत दे सकता है—
- उपचार विधि
* एक मध्यम आकार का खीरा छीलकर ब्लेंड करें और उसका रस निकाल लें।
* उसमें 1 चम्मच नींबू का रस और 1 चम्मच शहद मिलाएँ।
* इस जूस को पीने से पहले 1 चम्मच क्रैनबेरी चबा लें।
* फिर मिश्रित खीरे का रस सेवन करें।
- सेवन अवधि:
* दिन में 2 बार, लगातार 7–14 दिन तक।
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तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि निम्न लक्षण दिखाई दें तो घरेलू उपचार की बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए—
- पेशाब में खून
- तेज बुखार
- पीठ या कमर में तेज दर्द
- बार-बार UTI होना
- गर्भावस्था में संक्रमण
- पुरुषों में लगातार जलन या दर्द
सर्दियों में यूरिन इंफेक्शन का खतरा बढ़ना सामान्य स्थिति है, लेकिन समय पर सावधानी और सही घरेलू उपायों से इससे बचा जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त पानी पीना, स्वच्छता रखना और हेल्दी आहार लेना सबसे बेहतर रोकथाम के तरीके हैं।
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