उइगरों से जबरन बनवाए गए सामान को नहीं खरीदेगा अमेरिका, विधेयक पारित

uighur muslims in china

वाशिंगटन। अमेरिकी कांग्रेस की प्रतिनिधि सभा ने ‘उइगर जबरन श्रम रोकथाम अधिनियम’ के अंतिम संस्करण को पारित कर दिया है। विधेयक में चीन के शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में जबरन मजदूरी करवाकर बने सामानों के आयात पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है।

प्रतिनिधि सभा ने इस विधेयक को मंगलवार रात ध्वनि मत से पारित किया। अब इस विधेयक को सीनेट में चर्चा के लिए भेजा जाएगा।

बता दें कि प्रतिनिधि सभा ने पिछले हफ्ते इस विधेयक को 428-1 से पारित किया था और सीनेट ने गत जुलाई महीने में इसे ध्वनि मत से पारित किया। इसी सप्ताह दोनों सदनों ने इस विधेयक के अंतिम संस्करण सहमति व्यक्त की थी।

यह कानून “शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र से सीधे वस्तुओं, माल, सामग्री के आयात और व्यापार को प्रतिबंधित करता है, जो उइगर, कज़ाख्स, किर्गिज़, तिब्बतियों, या चीन में अन्य सताए गए समूहों के सदस्यों द्वारा बनाए गए हैं।

इसके अतिरक्ति इस विधेयक में अमेरिकी राष्ट्रपति से मुस्लिम अल्पसंख्यकों को सताने और अनैच्छिक श्रम के उपयोग की सुविधा के लिए जम्मिेदार अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने की गुजारिश की गयी है।

कौन हैं उइगर मुसलमान?

चीन के शिनजियांग क्षेत्र में रहने वाले उइगर मुस्लिम अल्पसंख्यक तुर्क जातीय समूह से ताल्लुक रखते हैं। ये मूल रूप से मध्य और पूर्व एशिया के निवासी हैं। चीन में जिन 55 अल्पसंख्यक समुदायों को आधिकारिक पर मान्यता दी गई है, उइगर उनमें से ही एक हैं।

चीन में उइगर मुसलमानों पर अत्याचार

उइगर मुसलमानों की स्थिति पर पूर्व चीनी अधिकारी जियांग ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। एक साक्षात्कार के दौरान जियांग ने कहा था कि चीन के डिटेंशन सेंटर में इन्हें कुर्सी और रस्सी से बांधकर रखा जाता है।

पुलिसकर्मी इन पर कोड़े बरसाते हैं। इन्हें सोने तक नहीं दिया जाता है। महिलाओं से भी बर्बरता की जाती है। 

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