
Tiktok डील फाइनल… अमेरिकी निवेशकों को मिला नियंत्रण
Tiktok Deal: एक ऐतिहासिक फैसले के तहत, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें टिकटॉक की अमेरिकी संचालन को एक नया अमेरिकी स्वामित्व कंपनी को सौंपने की मंजूरी दी गई। इस कदम का मकसद था कि राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा गोपनीयता से जुड़ी चिंताओं का समाधान हो सके, साथ ही ऐप अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के लिए बंद न हो।
कानून, दबाव और अवधी
2024 में अमेरिकी कांग्रेस ने Protecting Americans from Foreign Adversary Controlled Applications Act (PAFACA) नामक कानून पारित किया, जिसके अंतर्गत यदि कोई ऐप विदेशी प्रतिद्वंद्वी (foreign adversary) नियंत्रण में है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जाए, तो उसे अपनी अमेरिकी संचालन को बेचने का आदेश देना होगा।
- इस कानून के दायरे में टिकटॉक, जिसकी मूल कंपनी बाइटडांस चीन स्थित है, एक प्रमुख लक्षित ऐप थी।
- ट्रंप प्रशासन ने इस कानून की प्रभावी तिथि को कई बार स्थगित किया ताकि एक सौदा तैयार किया जा सके।
सौदे की संरचना
- नई अमेरिकी कंपनी का मूल्यांकन लगभग 14 अरब डॉलर तय किया गया है।
- निवेशक साझेदारी इस तरह प्रस्तावित है:
* Oracle और Silver Lake प्रमुख भूमिका निभाएँगे, और मिलकर लगभग 45-50% हिस्सेदारी लेंगे।
* अन्य अमेरिकी निवेशकों जैसे माइकल डेल और रूपर्ट मर्डोक का नाम भी सामने आया है।
* बाइटडांस (मूल कंपनी) 19.9% से कम हिस्सा रखेगी और उसे सुरक्षा-संबंधी निर्णयों में शामिल नहीं किया जाएगा। - नए बोर्ड में 7 सीटें होंगी, जिनमें से 6 अमेरिकी प्रतिनिधियों को मिलेंगी।
- रेकमेंडेशन एल्गोरिदम (Content Recommendation Algorithm) को अमेरिकी भागीदारों की निगरानी में पुनः प्रशिक्षित करने का प्रावधान किया गया है।
औपचारिक स्वीकृति और अगली समयसीमा
ट्रंप के आदेश में सौदे को “qualified divestiture” यानी उपयुक्त भागीदारी परिवर्तन कहा गया है, जिससे यह 2024 के कानून की आवश्यकताओं को पूरा करता है। साथ ही, इस सौदे को अंतिम रूप देने के लिए 120 दिन की अवधि दी गई है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत की और शी ने इसे आगे बढ़ने की अनुमति दी।
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लोगों की प्रतिक्रिया
राजनीतिक प्रतिक्रिया: कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने मांग की है कि डील के दस्तावेज़ सार्वजनिक किए जाएँ ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सौदा पूरी तरह चीन प्रभाव से मुक्त हो।
विशेषज्ञों की शंका: प्रोफेसर एलन रोज़ेनस्टीन ने यह सवाल उठाया है कि क्या बाइटडांस पूरी तरह एल्गोरिदम नियंत्रण से बाहर हो पाएगी या नहीं।
तकनीकी जटिलताएँ: एल्गोरिदम एक जटिल तंत्र है जो लगातार अपडेट होता है; इसका पूरी तरह अलगाव करना आसान नहीं है।
चीन की स्वीकृति: चीन की औपचारिक मंजूरी अभी सार्वजनिक रूप से नहीं मिली है।
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बदलाव का समय
यह फैसला एक महत्वपूर्ण मोड़ है — टिकटॉक की अमेरिकी संचालन को बचाने के लिए एक युक्तिसंगत कदम है, लेकिन यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि चीन की तकनीकी पकड़ और अप्रत्यक्ष प्रभाव पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।
अब देखना यह है कि इस सौदे को चीन की स्वीकृति मिलेगी या नहीं, और अमेरिकी कांग्रेस और न्यायपालिका इसे किस रूप में स्वीकार करती हैं।
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