बाबरी मस्जिद जैसा ढाँचा बनाने की बात पर TMC का सख्त एक्शन, BJP पर बड़ा आरोप

TMC on Babri Masjid: तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अपने बागी नेता और देबरा से विधायक हुमायूं कबीर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया है। पार्टी का कहना है कि कबीर लगातार ऐसे बयान और गतिविधियाँ कर रहे थे जो राज्य में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने का कारण बन सकती थीं।

सीनियर टीएमसी मंत्री फिरहाद हाकिम ने कहा कि यह कार्रवाई पहले दी गई तीन चेतावनियों के बावजूद कबीर के रवैये में बदलाव न आने के बाद की गई है। हाकिम ने स्पष्ट किया कि पार्टी का अब हुमायूं कबीर से कोई संबंध नहीं रहेगा।

TMC का आरोप: “बीजेपी की मदद से माहौल बिगाड़ने की कोशिश”
टीएमसी ने आरोप लगाया है कि हुमायूं कबीर कथित तौर पर बीजेपी की मदद से मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे थे। पार्टी ने कहा कि उनकी गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य “सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करना” था, जिसे टीएमसी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं कर सकती।

हाकिम ने कहा कि पार्टी ने उन्हें तीन बार चेताया था, लेकिन इसके बावजूद वे “गलत गतिविधियों” में शामिल रहे।

बाबरी मस्जिद बयान से बढ़ा विवाद
हुमायूं कबीर पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में हैं। विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में 6 दिसंबर को ‘बाबरी मस्जिद’ के निर्माण की आधारशिला रखी जाएगी। यह वही तारीख है जब 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाई गई थी।

इस बयान के बाद बीजेपी ने उन पर खुलकर निशाना साधा, जबकि टीएमसी ने इसे पार्टी लाइन के खिलाफ बताते हुए दूरी बना ली।

हाई कोर्ट में भी मामला पहुंचा
कबीर के बयान को लेकर एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) भी दायर की गई है।
कलकत्ता हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस की बेंच शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करेगी। अदालत यह जांचेगी कि उनका यह बयान कानून-व्यवस्था की स्थिति पर क्या असर डाल सकता था।

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कौन हैं हुमायूं कबीर?
हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल के भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी के विधायक और पूर्व मंत्री हैं. उन्होंने पिछले दिनों अपने बयान में 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में ‘बाबरी मस्जिद’ के निर्माण की आधारशिला रखने का ऐलान किया है. 6 दिसंबर वही तारीख है, जिस दिन 33 साल पहले अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहा दी गई थी.

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TMC का सख्त रुख
टीएमसी ने स्पष्ट किया है कि पार्टी सांप्रदायिक सौहार्द से समझौता नहीं करेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार,

“किसी भी नेता द्वारा दिया गया ऐसा बयान जो राज्य में तनाव पैदा करे, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।”

हुमायूं कबीर के निलंबन के बाद माना जा रहा है कि टीएमसी पार्टी लाइन से हटकर दिए जाने वाले बयानों पर और सख्त हो सकती है।

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