लखनऊ: कोविड प्रभारी अधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने किया होम आइसोलेशन मरीजों का फॉलोअप

कोविड प्रभारी अधिकारी डॉ. रोशन जैकब

लखनऊ। लखनऊ में कोविड-19 की प्रभारी अधिकारी डॉ. रोशन जैकब द्वारा लगातार फील्ड में निकल कर होम आइसोलेशन मरीजों का फॉलोअप एवं आरआरटी (Rapid response team) के कार्यो का सत्यापन किया जा रहा है, साथ ही सभी व्यवस्थाओ का फीडबैक वह स्वयं रोगियों के घर जाकर ले रही हैं।

इसी क्रम में आज डॉ. रोशन जैकब ने सरोजनीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में वैक्सिनेशन व टेस्टिंग, सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन होता पाया गया। प्रभारी अधिकारी द्वारा एमओआईसी के साथ आरआरटी टीमो की समीक्षा की गई।

एमओआईसी (Medical Officer In-Charge) द्वारा बताया गया कि सभी टीमें अपने अपने क्षेत्रों में कार्य कर रही है। 4 टीमो को टेस्टिंग हेतु एयरपोर्ट पर लगाया गया है। जिसके लिए प्रभारी अधिकारी द्वारा अपर सीएमओ एम.के. सिंह को निर्देश दिया कि एयरपोर्ट पर लगी 4 टीमो को हटा कर उनको फील्ड में भेजा जाए और एयरपोर्ट पर सेंट्रल टीम लगा कर टेस्टिंग कराई जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि सभी टीम युद्धस्तर पर अपने अपने क्षेत्रों ट्रेसिंग, टेस्टिंग व दवा वितरण का कार्य करना सुनिश्चित करें। सभी सीएचसी अपने अधीन आने वाले समस्त अर्बन पीएचसी को टेस्टिंग सेंटर बनाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि सभी सीएचसी को पर्याप्त मात्रा में मैनपावर उपलब्ध करा दिया गया है। एल.टी. (लैब टेकनीशियन), नर्स आदि की कोई कमी नही है।

साथ ही डीपीएम को निर्देश दिया कि सभी अर्बन पीएचसी पर टेस्टिंग सेंटर स्थापित करा कर उसकी लोकेशन जिओ टैग करके उपलब्ध कराई जाए। आमजनमानस को पता चल सके कि उक्त स्थानों पर भी टेस्टिंग कराई जा रही है।

प्रभारी अधिकारी द्वारा वृन्दावन योजना और एकता नगर का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में दोनों स्थानों पर आरआरटी टीमों द्वारा सही तरीके से कार्य होता पाया गया। सभी टीमो में स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन पाए गए। टीमो द्वारा घर घर जा कर टेस्टिंग और दवा वितरण होता पाया गया।

प्रभारी अधिकारी द्वारा आरआरटी टीमो को निर्देश दिया गया कि अपने अपने कार्यक्षेत्र में पहुँच कर उस एरिया के पार्षद/क्षेत्र के सभ्रांत लोगो/अन्य ऐसे लोगो से सम्पर्क किया जाए जो उस एरिया में सभी लोगो को जानते हो और ऐसे व्यक्ति के द्वारा उस क्षेत्रवासियों को सूचना उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि सभी टीमें सुनिश्चित करें कि क्षेत्रवासियो को यह सन्देश पहुच जाए कि टेस्टिंग और दवा वितरण के लिए आरआरटी टीम उनके क्षेत्र में है।

निरीक्षण में प्रभारी अधिकारी को बताया गया कि आरआरटी टीम में अभी तक आशा और एएनएम का कोई सहयोग नही मिला, जबकि पूर्व में निर्देश दिए गए थे कि आरआरटी टीमो के साथ आशा और एएनएम जो कि वैक्सिनेशन के कार्यो से बची हुई है, उनको लगाया जाए।

जिसके लिए प्रभारी अधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई और मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि आशा व एएनएम की उपस्थिति को अनिवार्य किया जाए। अगले निरीक्षण में जो भी अनुपस्थित मिला उसे तत्काल सस्पेंड किया जाए।

प्रभारी अधिकारी ने बताया कि होम आइसोलेशन वाले रोगियो को बाध्यता नही है कि वह बार-बार जांच कराए। शासनादेश के अनुसार होम आइसोलेशन प्रारंभ होने के 10 दिन के उपरांत यदि रोगी में कोई गंभीर लक्षण नही पाया जाता है तो उसे रिकवर माना जाएगा,

कोई फॉलो अप जांच की आवश्यकता नही है। साथ सभी हास्पिटल शासन द्वारा जारी डिसचार्ज पॉलिसी का अनुपालन कराना सुनिश्चित कराए।

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