Oman से ट्रेड डील… 99% भारतीय सामान होगा टैरिफ फ्री, आयुर्वेद का खुलेगा रास्ता

India-Oman CEPA: भारत और ओमान के बीच गुरुवार को Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ओमान के वाणिज्य मंत्री कैस बिन मोहम्मद अल यूसुफ ने समझौते पर साइन किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुल्तान हैथम बिन तारिक भी उपस्थित रहे।

टैरिफ रियायतें और लाभ
समझौते के तहत ओमान भारत को अपनी 98.08% टैरिफ लाइनों तक टैरिफ फ्री पहुंच देगा। भारत द्वारा ओमान को निर्यात की जाने वाली 99.38% वस्तुओं पर शुल्क नहीं लगेगा। इसके विपरीत, भारत ने ओमान से आयात होने वाले 94.81% उत्पादों पर टैरिफ में राहत की पेशकश की है।

इस डील से भारतीय सर्विस सेक्टर, FDI और श्रमिकों की आवाजाही को भी लाभ मिलेगा। पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारत के लिए GCC, पूर्वी यूरोप, मध्य एशिया और अफ्रीका में पहुंच का एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार साबित होगा।

आयुर्वेद और भारतीय उत्पादों के लिए नए बाजा
डील में एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स (डेयरी उत्पाद, चाय, कॉफी, रबर और तंबाकू) को बाहर रखा गया है। इसके बावजूद जेम्स एंड ज्वेलरी, वस्त्र, चमड़ा, जूते, खेल का सामान, प्लास्टिक, फर्नीचर, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मा, मेडिकल उपकरण और ऑटोमोबाइल जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को टैरिफ फ्री का लाभ मिलेगा।

साथ ही, आयुष/आयुर्वेदिक मेडिसिन सेक्टर के लिए यह डील ओमान में नए बाजार खोलने का रास्ता तैयार करती है। CEPA भारतीय कंपनियों को प्रमुख सर्विस सेक्टर में 100% FDI की अनुमति भी देता है।

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FY2024-25 में भारत-ओमान व्यापार
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और ओमान के बीच कुल व्यापार 10.61 अरब डॉलर रहा। भारत ने ओमान को 4.06 अरब डॉलर (36,634 करोड़ रुपये) का माल निर्यात किया, जबकि 6.5 अरब डॉलर (58,650 करोड़ रुपये) का आयात किया।

भारत के निर्यात में पेट्रोलियम उत्पादों का हिस्सा 35.1% और खनिज उत्पादों का 9.2% रहा। अन्य प्रमुख निर्यात में विमान और पुर्जे (4.3%), ब्यूटी प्रोडक्ट्स (3.6%) और बासमती चावल (3.6%) शामिल हैं। आयात में Crude Oil और पेट्रोलियम गैसों का हिस्सा 38% रहा।

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ऐतिहासिक और रणनीतिक महत्व
यह समझौता 2006 के बाद ओमान का भारत के साथ पहला द्विपक्षीय करार है और GCC के किसी देश के साथ भारत का दूसरा CEPA है। इससे पहले फरवरी 2022 में भारत और UAE के बीच CEPA हुआ था।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह डील न केवल माल निर्यात, बल्कि सर्विस सेक्टर, निवेश, श्रमिक आवाजाही और आयुर्वेदिक उत्पादों के लिए भारत को नए अवसर प्रदान करेगी।

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