Trump ने यौन पीड़िता के साथ बिताये थे कुछ घंटे… सार्वजनिक हुए ईमेल ने बढ़ाई हलचल

Jeffrey Epstein Files: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइल के कुछ दस्तावेज सार्वजनिक होने के बाद अमेरिकी सियासत में हलचल मच गई है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने बुधवार को ऐसे ईमेल जारी किए हैं जिनमें दावा किया गया है कि ट्रंप और एपस्टीन के बीच करीबी संपर्क थे और ट्रंप ने एपस्टीन के घर पर कथित तौर पर एक यौन पीड़िता के साथ समय बिताया था।

हालांकि, व्हाइट हाउस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बयान जारी कर कहा, “ये ईमेल इस बात के अलावा कुछ साबित नहीं करते कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कोई गलत काम नहीं किया है। डेमोक्रेट्स सिर्फ झूठे आरोपों से उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।”

ईमेल में क्या लिखा था?
जिन दस्तावेजों को सार्वजनिक किया गया है, उनमें अप्रैल 2011 का एक ईमेल शामिल है, जो जेफरी एपस्टीन ने अपनी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल को भेजा था। इसमें एपस्टीन ने लिखा था कि “ट्रंप ने एक महिला पीड़िता के साथ मेरे घर पर कई घंटे बिताए, लेकिन उसका नाम कभी सार्वजनिक नहीं हुआ।”
इस ईमेल पर जवाब देते हुए मैक्सवेल ने लिखा, “मैं इसके बारे में सोच रही थी।”

बाद में व्हाइट हाउस की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह महिला वर्जीनिया गिफ्रे थी, जो एपस्टीन की मुख्य अभियुक्तों में से एक रही हैं।

व्हाइट हाउस की सफाई
कैरोलिन लेविट ने कहा कि ट्रंप ने एपस्टीन को मार-ए-लागो क्लब से बाहर निकाल दिया था क्योंकि वह एक “पीडोफाइल और घिनौना व्यक्ति” था। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप और एपस्टीन दोनों पाम बीच के रहने वाले थे। लेकिन जैसे ही ट्रंप को उसके अपराधों के बारे में पता चला, उन्होंने उसे अपने क्लब से निष्कासित कर दिया।”

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सियासी तकरार तेज
दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक पार्टी ने इन ईमेलों को ट्रंप की “नैतिकता पर सवाल” बताते हुए 2024 के चुनाव अभियान में इसे बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी का कहना है कि यह दस्तावेज ट्रंप की “दोहरी भूमिका” को उजागर करते हैं।

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एपस्टीन केस की पृष्ठभूमि
बता दें कि जेफरी एपस्टीन को 2019 में नाबालिग लड़कियों की यौन तस्करी और शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कुछ ही हफ्तों बाद वह जेल में मृत पाया गया। उसकी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल को भी बाद में दोषी ठहराया गया था।

इन ईमेलों के सार्वजनिक होने से यह मामला एक बार फिर चर्चा में है, खासकर तब जब अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव नजदीक हैं और ट्रंप रिपब्लिकन उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इन दस्तावेजों से कोई ठोस सबूत निकलता है, तो यह ट्रंप की छवि और चुनावी रणनीति—दोनों पर बड़ा असर डाल सकता है।

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