
चिड़ियाघर में 24 घंटे में दो बाघिनों की मौत, उच्च स्तरीय जांच के आदेश
Alipore Zoo: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित अलीपुर प्राणी उद्यान से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां महज 24 घंटों के भीतर दो वयस्क बाघिनों की मौत हो गई। मंगलवार रात 17 वर्षीय बाघिन पायल की मौत हुई, तो वहीं बुधवार रात 21 वर्षीय अल्बिनो बाघिन रूपा ने भी दम तोड़ दिया। इस घटना ने वन्यजीव प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है।
उम्र का असर या लापरवाही?
राज्य वन विभाग ने दावा किया है कि दोनों बाघिनों की मौत उम्र संबंधी कारणों से हुई है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम और विसरा जांच के लिए भेजा गया है, ताकि मौत का सही कारण स्पष्ट हो सके।
पायल को 2016 में ओडिशा के नंदनकानन से अलीपुर लाया गया था। पिछले कुछ महीनों से वह बीमार थी और खानपान भी अनियमित हो गया था।
रूपा का जन्म अलीपुर चिड़ियाघर में ही हुआ था। वह अल्बिनो बाघिन थी और कुछ महीने पहले उसका एक पैर लकवाग्रस्त हो गया था।
वन्यजीव प्रेमियों ने जताया संदेह
दोनों मौतों के बीच महज एक दिन का अंतर होने पर कई वन्यजीव प्रेमियों ने इसे संयोग मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह “अप्राकृतिक मौत” भी हो सकती है। इसी विवाद को देखते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य वन्यजीव वार्डन (सीडब्ल्यूएलडब्ल्यू) ने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने का आदेश दिया है।
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पहले से विवादों में चिड़ियाघर
अलीपुर चिड़ियाघर पिछले कुछ समय से विवादों में रहा है—
- जानवरों के गायब होने का मामला – रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि यहां से रातों-रात 321 जानवर लापता हो गए।
- जमीन बेचने का आरोप – विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार इस ऐतिहासिक चिड़ियाघर की जमीन निजी उद्यमियों को औने-पौने दाम में बेचना चाहती है। इस पर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि अगली सुनवाई तक चिड़ियाघर की भूमि का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकता।
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अब पोस्टमार्टम और जांच समिति की रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट होगा कि पायल और रूपा की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई लापरवाही या अन्य कारण छिपे हैं। यह घटना न सिर्फ अलीपुर चिड़ियाघर की व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों की गंभीरता पर भी बहस खड़ी करती है।
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