
मुर्शिदाबाद कूच से पहले हंगामा… लखनऊ में रोके गए VHRP के कार्यकर्ता, अध्यक्ष हाउस अरेस्ट
Lucknow News: लखनऊ में मंगलवार को कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आया, जब विश्व हिंदू रक्षा परिषद (VHRP) के सैकड़ों कार्यकर्ता पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जाने के लिए रवाना हुए। संगठन के अध्यक्ष गोपाल राय के नेतृत्व में कार्यकर्ता करीब 15 गाड़ियों के काफिले के साथ निकलने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें शहर की सीमा में ही रोक लिया। संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस ने गोपाल राय को पहले से ही हाउस अरेस्ट कर रखा था।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में भगवा झंडे दिखाई दिए, वहीं कुछ के पास कुल्हाड़ी और फावड़ा भी था। करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी होती रही, जिससे आसपास के इलाके में यातायात प्रभावित हुआ और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
इस प्रदर्शन में विश्व हिंदू रक्षा परिषद के उपाध्यक्ष मनीष राय, मीडिया प्रभारी राघवेंद्र राय समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन के नेताओं ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने से रोका जा रहा है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना था कि किसी भी हाल में कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी, इसलिए एहतियातन यह कार्रवाई की गई है।
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दरअसल, पूरा विवाद पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से जुड़ा है। आरोप है कि वहां के विधायक हुमायूं कबीर की ओर से बाबरी मस्जिद के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जा रही है। शिलान्यास के दौरान करीब दो लाख लोग ईंट लेकर मौके पर पहुंचे थे, जिसके बाद यह मामला और संवेदनशील हो गया। इसी घटना के विरोध में हिंदूवादी संगठनों ने नाराजगी जाहिर की थी।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने इस निर्माण को लेकर कड़ा ऐतराज जताते हुए मस्जिद को ढहाने का ऐलान किया था। संगठन का कहना है कि इसी मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करने के लिए उनके कार्यकर्ता मुर्शिदाबाद जा रहे थे। हालांकि, प्रशासन ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए खतरा मानते हुए यात्रा की अनुमति नहीं दी।

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फिलहाल पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस घटनाक्रम से राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी तरह की उकसावे वाली गतिविधि या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जबकि संगठन ने अपने विरोध को आगे भी जारी रखने की बात कही है।
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