
यूपी के मेडिसिन मैन” राजेश सिंह ने जेल में कैदियों के लिए लगाया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर
Lucknow News: समाजसेवा और स्वास्थ्य क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए “यूपी के मेडिसिन मैन” कहे जाने वाले श्री राजेश सिंह दयाल ने अपने जन्मदिन के अवसर पर एक अनोखी पहल करते हुए लखनऊ जेल में कैदियों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। यह शिविर उनके नाम से स्थापित राजेश सिंह दयाल फाउंडेशन के माध्यम से आयोजित किया गया।
शिविर का शुभारंभ माननीय कैबिनेट मंत्री श्री दारा सिंह चौहान ने किया। इस अवसर पर डीजी जेल श्री प्रेम चंद मीणा और जेल अधीक्षक श्री आर.के. जायसवाल भी उपस्थित रहे।

शिविर की विशेषताएँ
- कैदियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श प्रदान किया गया।
- विभिन्न स्वास्थ्य जांच कराई गई।
- कैदियों को नि:शुल्क दवाइयाँ और फल वितरित किए गए।
मुख्य अतिथि ने की सराहना
श्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि राजेश सिंह दयाल ने अब तक उत्तर प्रदेश में लगभग 2 लाख लोगों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की हैं और 50,000 से अधिक वृद्धजनों की मोतियाबिंद सर्जरी करवाई है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार जेलों में हेल्थ एटीएम और बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ स्थापित करने पर काम कर रही है।
श्री चौहान ने विशेष रूप से यह कहा कि दयाल जी ने अपना जन्मदिन कैदियों के बीच मनाकर दिखाया कि सच्ची समाज सेवा वह है, जो हर वर्ग तक बिना भेदभाव पहुंचे।

राजेश सिंह दयाल का संकल्प
इस अवसर पर श्री दयाल ने कहा कि यह मेडिकल कैम्प केवल दवाइयों और जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि कैदी अकेले नहीं हैं और समाज ने उन्हें भुलाया नहीं है। उन्होंने कहा कि अपराध से नफरत हो सकती है, लेकिन इंसान से नहीं, और हर व्यक्ति को दूसरा मौका मिलना चाहिए।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले महीनों में वे उत्तर प्रदेश की अन्य जेलों में भी इसी प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगे।
डीजी जेल और जेल अधीक्षक ने बताया प्रेरणादायी
डीजी जेल श्री प्रेम चंद मीणा ने कहा कि यह प्रयास समाज के प्रति श्री दयाल की संवेदनशीलता का प्रमाण है।
जेल अधीक्षक श्री आर.के. जायसवाल ने कार्यक्रम का समापन करते हुए कहा कि दयाल जी ने कैदियों के बीच जन्मदिन मना कर यह साबित कर दिया कि उनकी समाज सेवा सभी वर्गों तक पहुँचने वाली और भेदभाव रहित है।
यह पहल उत्तर प्रदेश में समाज सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में देखी जा रही है, जो विशेष रूप से कैदियों और समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करती है।





