UP News: दिव्यांगता नहीं बनेगी बाधा! यूपी में शुरू हुआ दिव्यांगजन रोजगार अभियान-2.0

UP News: उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने के लिए दिव्यांगजन रोजगार अभियान-2.0 शुरू हो गया है, जो 13 फरवरी तक चलेगा। इसका उद्देश्य प्रशिक्षित दिव्यांग युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है।

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के दिव्यांगजनों के रोजगार और आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से “दिव्यांगजन रोजगार अभियान-2.0” का शुभारंभ किया है। यह विशेष रोजगार अभियान 6 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक पूरे प्रदेश में संचालित होगा और इसका उद्देश्य कौशल-प्रशिक्षित दिव्यांग युवाओं को नौकरी और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने समीक्षा बैठक कर जिलों को निर्देश दिए। अभियान में 720 दिव्यांगजनों से फीडबैक भी लिया जाएगा, ताकि भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी बन सकें।

अभियान का उद्देश्य

यह पहल मुख्य रूप से उन दिव्यांग युवाओं को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गई है जिन्होंने:

  • उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन

  • आईटीआई (ITI)

  • या अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों से पिछले तीन वर्षों में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त किया है ।

इन प्रशिक्षित युवाओं को औद्योगिक इकाइयों, MSME सेक्टर और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाएंगे, ताकि वे आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जी सकें।

अभियान की प्रमुख विशेषताएँ

राज्यव्यापी आयोजन: 75 जिलों के सभी जनपदों में अभियान का समन्वित रूप से आयोजन।

दिव्यांग पंजीकरण पर रोजगार: Rojgar Sangam पोर्टल पर पंजीकृत दिव्यांगजनों को भी अवसर दिए जाएंगे।

स्वरोजगार के विकल्प: केवल नौकरियों तक सीमित न रहकर स्वरोजगार योजनाओं से भी जोड़ने पर जोर।

शीर्ष प्रदर्शन वाले जिलों को सम्मान: जिन जिलों में सबसे अधिक रोजगार और स्वरोजगार प्रदान होंगे, वहां के अधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा।

फीडबैक का समावेश: अभियान के दौरान लगभग 720 दिव्यांगजनों से फीडबैक भी लिया जाएगा, ताकि भविष्य में योजनाएँ और अधिक प्रभावी बनाई जा सकें।

अभियान से उम्मीदें

यह अभियान न केवल दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराएगा, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में आत्मविश्वास और सम्मान के साथ शामिल होने का अवसर भी देगा। सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि दिव्यांग युवाओं की जीवन गुणवत्ता में सुधार, आर्थिक सशक्तिकरण, और समाज में भागीदारी को एक नई गति मिलेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल समान अवसरों पर आधारित, समावेशी रोजगार कार्यक्रम के रूप में देखी जा रही है। दिव्यांगजन रोजगार अभियान-2.0 से यह संदेश भी मिलता है कि कोई भी व्यक्ति अपने कौशल के आधार पर रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ सकता है।

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