PF न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग, UP वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन ने श्रम मंत्री को सौंपा ज्ञापन

Lucknow News: उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने पत्रकारों और निजी क्षेत्र के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।

उन्होंने कहा कि वह जल्द ही केंद्रीय श्रम मंत्री से मुलाकात कर भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को ₹1000 से बढ़ाकर ₹5000 प्रतिमाह करने की मांग को मजबूती से उठाएंगे। यह मांग यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को लखनऊ में श्रम मंत्री को ज्ञापन सौंपकर की। यह प्रस्ताव यूनियन के अयोध्या में आयोजित प्रादेशिक सम्मेलन में पारित किया गया था।

प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन

यूनियन के प्रतिनिधिमंडल में प्रादेशिक महामंत्री देवराज सिंह, लखनऊ इकाई के अध्यक्ष शिवशरण सिंह, अब्दुल हसनैन ताहिर और आशीष कुमार सिंह शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने श्रम मंत्री को बताया कि निजी क्षेत्र के लाखों कर्मचारी और पत्रकार वर्षों तक सेवा देने के बाद भी बेहद कम पेंशन पर जीवन यापन करने को मजबूर हैं।

15 साल से नहीं बढ़ी न्यूनतम पेंशन

यूनियन के अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने कहा कि Employees’ Pension Scheme (EPS) के तहत न्यूनतम पेंशन का निर्धारण करीब डेढ़ दशक पहले ₹1000 प्रतिमाह किया गया था और तब से इसमें कोई ठोस बढ़ोतरी नहीं हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, देश में लाखों पेंशनभोगी आज भी इसी न्यूनतम राशि पर निर्भर हैं, जबकि महंगाई और जीवनयापन की लागत लगातार बढ़ रही है।

‘₹1000 पेंशन हास्यास्पद और अन्यायपूर्ण’

यूनियन का कहना है कि कई राज्य सरकारें महिलाओं, वृद्धों और अन्य वर्गों को सामाजिक योजनाओं के तहत हजारों रुपये मासिक पेंशन दे रही हैं। ऐसे में जीवन के कई दशक नौकरी में गुजारने वाले कर्मचारियों को केवल ₹1000 पेंशन देना हास्यास्पद और अन्यायपूर्ण है।

यूनियन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि न्यूनतम पेंशन को कम से कम ₹5000 प्रतिमाह किया जाए ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन मिल सके। देशभर में कई ट्रेड यूनियन और कर्मचारी संगठन भी EPFO पेंशन बढ़ाने की मांग लगातार उठा रहे हैं।

केंद्र से जल्द मुलाकात का आश्वासन

श्रम मंत्री अनिल राजभर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह जल्द ही केंद्रीय श्रम मंत्री से मुलाकात कर इस मुद्दे को उनके सामने रखेंगे और पत्रकारों समेत निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की पेंशन बढ़ाने की मांग को मजबूती से उठाएंगे।

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