लखनऊ पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध का करेंगे शंखनाद

Swami Awimukteshwaranand News: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार को राजधानी लखनऊ पहुंचे। जहां से वे गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरुआत करेंगे

Swami Awimukteshwaranand News: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बुधवार को लखनऊ में गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध का शंखनाद करेंगे. राजधानी के कांशीराम प्रेरणा स्थल में होने वाले इस क्रायक्रम को प्रशासन ने 26 शर्तों के साथ अनुमति दे दी है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि अनुमति इस लिए देरी से दी गई, ताकि अधिक लोग ना पहुंच पाएं. लखनऊ आगमन के साथ ही उन्होंने सबसे पहले प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर में मत्था टेका और आशीर्वाद लिया।

सुरक्षा के विशेष इंतजाम

‘गो प्रतिष्ठा-धर्मयुद्ध शंखनाद’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की. यह कार्यक्रम 11 मार्च को कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित किया जाएगा. भक्तों की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। आशियाना, पीजीआई और कृष्णानगर थाने की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है, जबकि आयोजन स्थल पर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक तीन दिन के कार्यक्रम के लिए आयोजकों की ओर से करीब 4.5 लाख रुपये का शुल्क स्मारक समिति में जमा कराया गया है।

अभियान का उद्देश्य: गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनके अभियान का मुख्य उद्देश्य गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाना और देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कराना है. उन्होंने पीटीआई से बातचीत में कहा, ‘जो भी सच्चे हिंदू हैं, वे कल के कार्यक्रम में जरूर आएं. यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक देश में गाय की हत्या पूरी तरह बंद नहीं हो जाती.’ उन्होंने कहा कि लक्ष्य हासिल होने तक यह आंदोलन चलता रहेगा. स्वामी ने कहा, ‘हमें तब तक आगे बढ़ते रहना होगा, जब तक हम यह न कह सकें कि हम ऐसे देश में रहते हैं जहां गोहत्या नहीं होती.’

प्रशासन ने 26 शर्तों के साथ दी अनुमति

आयोजकों के अनुसार जिला प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए 26 शर्तों के साथ अनुमति दी है. इनमें किसी भी धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने पर रोक शामिल है. इसके अलावा राजनीतिक या धार्मिक व्यक्तियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी, विवादित नारेबाजी और घातक वस्तुओं के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. प्रशासन ने यह भी कहा है कि नाबालिगों से विवादित नारे नहीं लगवाए जाएंगे, कार्यक्रम स्थल पर वाहनों का प्रवेश सीमित रहेगा और यातायात व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए.

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