UP के बदायूं में डबल मर्डर से हड़कंप, HPCL प्लांट में दो अफसरों को मारी गोली…

Badaun HPCL Murder: बदायूं में HPCL एथेनॉल प्लांट में एक ब्लैकलिस्टेड वेंडर ने घुसकर डिप्टी जनरल मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता और एजीएम हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी.

Badaun HPCL Murder Case: उत्तर प्रदेश के बदायूं के सैजनी गांव में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के एथेनॉल प्लांट में गुरुवार को हुए खौफनाक दोहरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को दहला दिया है. इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू को  मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. इस मुठभेड़ में एक पुलिस सिपाही भी घायल हुआ है.

मुठभेड़ के वक्त क्या-क्या हुआ?

सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि HPCL प्लांट में डिप्टी जनरल मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता और सहायक जनरल मैनेजर हर्षित मिश्रा की हत्या के बाद आरोपी अजय प्रताप सिंह फरार हो गया था. गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह दो तमंचों के साथ प्लांट में घुसा था और जान से मारने की नीयत से दोनों अधिकारियों पर फायरिंग की थी.

सीओ देवेंद्र कुमार के अनुसार, हत्या के बाद वह HPCL की ही गाड़ी लेकर भाग निकला और रास्ते में मुरसेना के जंगल के पास हत्या में इस्तेमाल तमंचा छिपा दिया. जब पुलिस टीम उसे हथियार बरामदगी के लिए जंगल ले गई, तो आरोपी ने वहीं छिपाए हुए तमंचे से पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया. इस फायरिंग में एक सिपाही घायल हो गया. पुलिस ने जवाबी फायरिंग की जिसमें आरोपी अजय प्रताप सिंह के दोनों पैरों में गोली लगी. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा है. आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

कई बार पहले भी धमकी दे चुका था आरोपी

सूत्रों ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर पहले भी कई बार गुप्ता को धमकियां दी थीं. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने एक बार गुप्ता की कार पर हमला किया था. इसे लेकर गुप्ता ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई थी. बाद में उसके खिलाफ दातागंज थाने में मामला दर्ज किया गया था.

पुरानी रंजिश और पुलिस की सुस्ती

जांच में सामने आया है कि आरोपी अजय प्रताप पिछले कई महीनों से अधिकारियों को डरा रहा था. उसने जनवरी में भी प्लांट में घुसकर हंगामा किया था और अधिकारियों का 5 किलोमीटर तक पीछा किया था. हैरानी की बात यह है कि सुधीर गुप्ता ने खुद वादी बनकर 4 फरवरी 2026 को FIR दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया.

लापरवाही पर एक्शन और गिरफ्तारी

वारदात के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. लापरवाही बरतने के आरोप में इंस्पेक्टर अजय कुमार और सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है. डीआईजी अजय कुमार साहनी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. सवाल बना हुआ है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद यह जान बच सकती थी.

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