भक्ति से शुरू… मातम पर खत्म, महाकाल के दर्शन कर लौट रहे यूपी के 4 दोस्तों की मौत

Kanpur News: उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर कानपुर लौट रहे चार युवकों की राजस्थान के कोटा जिले में दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। तेज टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चारों की मौके पर ही मौत हो गई।

Kanpur News: राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। उत्तर प्रदेश के चार युवक उज्जैन से महाकाल के दर्शन कर लौट रहे थे। इस भीषण हादसे में कार सवार चारों युवकों की मौत हो गई। उनकी ब्रेजा कार आगे चल रहे ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। स्थानीय पुलिस और राहगीरों ने कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहन से युवकों को बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कार बनी लोहे का ढेर

हादसा चेचट थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुआ। चश्मदीदों के मुताबिक, कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि आगे चल रहे ट्रक से टकराते ही जोरदार धमाका हुआ। टक्कर के बाद कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और इंजन के पुर्जे अंदर तक घुस गए। हालांकि कार में एयरबैग थे, लेकिन हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वे भी जान बचाने में नाकाम रहे।

बाबा महाकाल की अंतिम यात्रा

मृतक चारों युवक उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले थे। वे घनिष्ठ मित्र थे और बड़े उत्साह के साथ धार्मिक यात्रा पर निकले थे। उज्जैन में ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर के दर्शन करने के बाद वे सुकून के साथ घर लौट रहे थे। परिजनों को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस सफर की शुरुआत भक्ति के साथ हुई थी, उसका अंत इतना दर्दनाक होगा।

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घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलते ही चेचट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कार के भीतर फंसे युवकों के शवों को बाहर निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। घंटों चले रेस्क्यू के बाद शवों को बाहर निकाला गया और मोड़क सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने ट्रक और उसके चालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

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पुलिस की प्रारंभिक जांच में Over-speeding (तेज रफ्तार) या Driver Fatigue (थकान/नींद) को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसी सीधी और चिकनी सड़कों पर अक्सर चालक गति सीमा का ध्यान नहीं रखते, जो जानलेवा साबित होता है।

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