
‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान’ से बदली वंदना की जिंदगी, ऑयल मिल से बनीं उद्यमी
UP News: उत्तर प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए शुरू की गई Mukhyamantri Yuva Udyami Vikas Abhiyan (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान) कई युवाओं की जिंदगी बदल रही है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। इसी योजना का लाभ लेकर लखनऊ की वंदना यादव ने अपनी ऑयल मिल स्थापित कर सफलता की नई कहानी लिखी है।
वंदना यादव ने सरकार की इस योजना के तहत ब्याजमुक्त ऋण लेकर तेल मिल शुरू की। शुरुआत में यह एक छोटा उद्यम था, लेकिन धीरे-धीरे उनका काम बढ़ता गया और आज उनकी यूनिट स्थानीय स्तर पर अच्छा उत्पादन कर रही है। उनके इस कदम से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि आसपास के लोगों को भी रोजगार के अवसर मिले हैं।
स्वरोजगार की ओर बढ़ रहे युवा
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को अधिकतम 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। इस योजना का लक्ष्य हर साल लगभग एक लाख नए उद्यमी तैयार करना है।
सरकार का मानना है कि अगर युवा खुद का व्यवसाय शुरू करेंगे तो इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यही वजह है कि इस योजना के जरिए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बल
वंदना यादव की ऑयल मिल स्थानीय किसानों से कच्चा माल खरीदती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार मिल रहा है और गांव में ही रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
उनकी सफलता से आसपास की कई महिलाएं भी प्रेरित हुई हैं और वे भी स्वरोजगार के लिए आगे आ रही हैं। वंदना का कहना है कि अगर सही मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता मिल जाए तो महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं।
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महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
वंदना यादव की कहानी अब क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। स्थानीय स्तर पर लोग उनकी मेहनत और हिम्मत की सराहना कर रहे हैं।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि ऐसी सफल कहानियां इस योजना की प्रभावशीलता को दर्शाती हैं और इससे अधिक से अधिक युवाओं को उद्यमिता की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह योजनाओं का लाभ युवाओं तक पहुंचता रहा तो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
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