
मारिया मचाडो को नोबेल पुरस्कार लेने नॉर्वे जाने पर वेनेजुएला सरकार की चेतावनी
María Corina Machado: नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को अगर पुरस्कार लेने नॉर्वे जाने दिया गया, तो वेनेजुएला सरकार उन्हें भगोड़ा घोषित कर सकती है। नोबेल पुरस्कार वितरण समारोह 10 दिसंबर को आयोजित होगा।
मारिया को लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवाधिकारों के प्रचार के लिए नोबेल से सम्मानित किया गया है। हालांकि, उनके खिलाफ वेनेजुएला में कई आतंकवाद और सैन्य सहयोग संबंधी मामले दर्ज हैं।
वेनेजुएला सरकार का बयान
वेनेजुएला के एटॉर्नी जनरल तारिक विलियम साब ने कहा कि अगर मचाडो विदेश जाती हैं तो उन्हें भगोड़ा माना जाएगा। उन्होंने कहा कि मचाडो अमेरिका की सैन्य मदद का स्वागत करने और कैरेबियन में अमेरिकी सैन्य तैनाती को समर्थन देने के मामले में भी जांच के दायरे में हैं।
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मारिया का विरोध और संघर्ष
मारिया को राष्ट्रपति चुनाव में मादुरो के खिलाफ लड़ने से रोक दिया गया और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। इसके बाद उनके करीबी एडमंडो गोंजालेज को विपक्ष की ओर से उम्मीदवार बनाया गया। चुनाव के दौरान विपक्ष के नेताओं के साथ दमन और मानवाधिकार उल्लंघन की खबरें सामने आईं।
मारिया पिछले एक साल से देश में छिपकर रही हैं और जनवरी से किसी सार्वजनिक मंच पर नहीं दिखाई दीं। वे वर्तमान में स्पेन में निर्वासन में हैं।
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नोबेल समिति की सराहना
नॉर्वे की नोबेल समिति के अध्यक्ष जॉर्गन वात्ने फ्रिडनेस ने मचाडो की बहादुरी और उनके नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि मचाडो ने वेनेजुएला में विभाजित विपक्ष को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और जान के खतरे के बावजूद देश में ही थीं।
यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार और लोकतंत्र की चुनौतियों को उजागर करता है।
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