
Air India हादसे का जिम्मेदार कौन? सुनवाई के दौरान पायलट के पिता ने की ये मांग
Suprime Court: 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया विमान हादसे की जांच को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हो रही है। इस हादसे में मारे गए पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल के पिता पुष्करराज सभरवाल ने अदालत की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
क्या पूरा मामला?
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान उड़ान भरने के 32 सेकेंड बाद ही एक इमारत से टकरा गया था, जिसमें एक यात्री को छोड़कर कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी। यह हादसा भारत की विमानन इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक माना जा रहा है।
हादसे की जांच पर विवाद
हादसे के बाद जुलाई में जारी की गई अंतरिम जांच रिपोर्ट ने पायलटों की लापरवाही की ओर इशारा किया था। हालांकि, कई विशेषज्ञों और आलोचकों ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाए, यह कहते हुए कि रिपोर्ट ने विमान में संभावित तकनीकी खराबियों से ध्यान भटका दिया।
एयर इंडिया का पक्ष
अक्टूबर 2025 में नई दिल्ली में आयोजित एविएशन इंडिया 2025 समिट के दौरान एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कहा था कि यह हादसा कंपनी और पीड़ित परिवारों के लिए विनाशकारी था। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि शुरुआती जांच के अनुसार विमान या एयरलाइन के संचालन में कोई तकनीकी खामी नहीं पाई गई। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया जांचकर्ताओं के साथ सहयोग कर रही है, लेकिन जांच का हिस्सा नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट में पिता की अपील
कैप्टन सभरवाल के पिता पुष्करराज सभरवाल ने अपनी याचिका में कहा कि इस हादसे की जांच पूरी तरह स्वतंत्र और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि उनके बेटे और क्रू मेंबर्स पर लगाए जा रहे लापरवाही के आरोपों की सच्चाई सामने आ सके। पिछली सुनवाई में जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि यह हादसा बेहद दुखद है और किसी भी परिस्थिति में दिवंगत पायलट को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
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सुप्रीम कोर्ट की मौजूदा सुनवाई
आज की सुनवाई के दौरान एनजीओ ‘सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन’ की याचिका पर भी विचार किया गया। एडवोकेट प्रशांत भूषण ने दलील दी कि सरकार के नियमों के अनुसार इतनी गंभीर दुर्घटना में सिर्फ एएआईबी (Aircraft Accident Investigation Bureau) नहीं, बल्कि एक “कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी” की आवश्यकता होती है।
इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब दिया कि हवाई हादसों की जांच अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के दिशा-निर्देशों के तहत होती है। उन्होंने कहा,
“मैं पिता की भावनाओं को समझता हूं। किसी पर कोई दोष नहीं लगाया गया है। एमसीए ने पहले ही स्पष्ट किया है कि किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया।”
सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग पर अगली सुनवाई की तारीख तय करेगा, जिससे इस हादसे की असली वजहों का खुलासा हो सके।
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