क्या भारत में दिखेगा साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण? जानें समय और सावधानियां

Surya Grahan 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) आने वाला है, जो खगोलशास्त्र के अनुसार महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है। इस स्थिति में सूर्य की किरणें पृथ्वी तक पूरी तरह नहीं पहुँच पातीं, और कुछ समय के लिए दिन अंधेरा जैसा दिखाई देता है।

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को फाल्गुन अमावस्या तिथि पर लगेगा. सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को भारतीय समय के मुताबिक दोपहर 03:26 बजे से लगेगा. ग्रहण शाम 07:57 बजे खत्म होगा. सूर्य ग्रहण करीब 04 घंटे 32 मिनट तक लगेगा. इस सूर्य ग्रहण को भारत में नहीं देखा जाएगा. ऐसे में भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा.

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कहां दिखेगा?
सूर्य ग्रहण जिम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका, जाम्बिया मॉरीशस, अर्जेन्टीना, सहित तन्जानिया ,चिली के साथ ही दक्षिण अमेरिकी देशों में दिखाई देगा. यह ग्रहण दक्षिणी अफ्रीका के क्षेत्रों से लेकर दक्षिण अटलान्टिक महासागर में भी दिखेगा.

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वैज्ञानिक दृष्टिकोण
सूर्य ग्रहण खगोलशास्त्रियों के लिए महत्वपूर्ण घटना है। इसका अध्ययन सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी के बीच के कक्षीय पथ और ग्रहों की स्थिति को समझने में मदद करता है। ग्रहण के दौरान वैज्ञानिक विशेष उपकरणों और फिल्टर का उपयोग करके सूर्य का निरीक्षण करते हैं।

सुरक्षा उपाय
सूर्य ग्रहण के दौरान सीधे सूर्य की ओर देखना आँखों के लिए खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ग्रहण चश्मा, सोलर फिल्टर या प्रोजेक्शन विधि का उपयोग करके ही सूर्य ग्रहण देखा जाए। बिना सुरक्षा के देखने से स्थायी आँखों की क्षति हो सकती है।

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धार्मिक और पारंपरिक दृष्टिकोण
भारतीय परंपरा में सूर्य ग्रहण के दौरान विशेष धार्मिक नियम और उपाय माने जाते हैं:

  • ग्रहण के दौरान स्नान और पूजा करने की परंपरा है।
  • कुछ लोग उपवास रखते हैं और मंत्रों का जाप करते हैं।
  • मान्यता है कि ग्रहण के समय किए गए कार्य और ध्यान शुभ फल देते हैं।

साल 2026 का यह पहला सूर्य ग्रहण न केवल खगोलशास्त्रियों के लिए बल्कि आम लोगों के लिए भी आकर्षण का विषय रहेगा। इसे देखकर लोग प्राकृतिक और वैज्ञानिक घटनाओं के अद्भुत संगम का अनुभव कर सकते हैं।

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