
Ayodhya दौरे पर योगी का बड़ा बयान… देश ने दिया आस्था के अपमान का हिसाब
Ayodhya News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अयोध्या दौरे के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस आस्था को पहले “अंधविश्वास” कहकर अपमानित किया गया, आज वही आस्था देश की सांस्कृतिक पहचान का केंद्र बन चुकी है।
आध्यात्मिक गुरुओं से मुलाकात
अपने दौरे के दौरान सीएम योगी ने प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी से मुलाकात की। इस मुलाकात को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संवाद के रूप में देखा जा रहा है।
इसके अलावा, इस खास अवसर पर द्रौपदी मुर्मू भी अयोध्या पहुंचीं। उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिलकर राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
विपक्ष पर तीखा प्रहार
सीएम योगी ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस आस्था को पहले अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया था, वही लोग सत्ता में रहते थे। अपनी सत्ता बचाने के लिए वे कई फैसले लेते थे, लेकिन जब राम मंदिर, काशी या मथुरा की बात आती थी, तो उसे अंधविश्वास बताया जाता था।
उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी में विश्वनाथ धाम का विकास और मथुरा-वृंदावन के धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार इन सभी कार्यों को पहले “रूढ़िवाद” और “अंधविश्वास” करार दिया जाता था। अपमानित करने वाले वह लोग आज उत्तर प्रदेश सही नहीं पूरे देश की सत्ता से बाहर होंगे।
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सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में देश एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है, जहां आस्था और विकास दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि:
- धार्मिक स्थलों का विकास पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ा रहा है
- देश की परंपरा और संस्कृति को सम्मान मिल रहा है
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अयोध्या का बढ़ता महत्व
अयोध्या अब केवल धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनती जा रही है।
- राम मंदिर निर्माण के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है
- सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं का विस्तार कर रही है
सीएम योगी आदित्यनाथ का यह बयान स्पष्ट करता है कि धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दे आने वाले समय में भी राजनीति के केंद्र में बने रहेंगे। अयोध्या दौरे के दौरान दिया गया उनका यह संदेश न सिर्फ विपक्ष पर सीधा हमला है, बल्कि आगामी राजनीतिक परिदृश्य के संकेत भी देता
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