नृपेंद्र मिश्रा के निर्णय बिना कोई काम नहीं:चंपत राय

आखिर 20 पेज की चिट्ठी मे है क्या?

चंपत के पत्र पर नृपेंद्र बोले ‘नो कमेन्ट’

अयोध्या। विश्व हिन्दू परिषद् के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने राम मंदिर के संघर्ष से लेकर इसके निर्माण और व्यवस्था के विभिन्न आयामों को दर्शाते हुए 20 पेज का पत्र जारी किया है। मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र पर पलटवार करते हुए लिखा है कि मंदिर निर्माण के सारे कार्य मंदिर निर्माण समिति के निर्णय पर होते थे। कोई भी कार्य नहीं जो समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र के निर्णय के बिना हुआ हो। अगर कोई अलग निर्णय हुआ तो वह मान्य नहीं हुआ और उसे हटा दिया गया।मंदिर निर्माण के सभी निर्णयों में नृपेंद्र मिश्र ने सदैव अपने को प्रमुख रखा। उन्होंने विस्तार से मंदिर निर्माण में नृपेंद्र मिश्र भूमिका का जिक्र करते हुए उनके एकतरफा निर्णयों का भी जिक्र किया। उन्होंने यह भी बताने की कोशिश की कि मंदिर निर्माण की सबसे पावर फुल मंदिर ट्रस्ट से ऊपर चल कर मंदिर निर्माण समिति रही जिसके चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र हैं। उल्लेखनीय है कि चढ़ावा चोरी प्रकरण में नृपेंद्र मिश्र मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था की खामियों की जमकर कलई मीडिया से बात करते हुए खोली थी।

मीडिया करवा रहा है विवाद:नृपेंद्र मिश्रा

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बीच चंपत राय की चिट्ठी के बाद पूर्व IAS नृपेंद्र मिश्रा का पहला बयान आया है। अपने बयान में मिश्रा ने पत्रकारों पर ही आरोप मढ़ने की कोशिश की। नौ पन्नों की चिट्ठी पर मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का पहला बयान आया है। उन्होंने कहा है कि मैंने पत्र नहीं देखा।  केवल विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी मिश्रा ने विश्व हिन्दू परिषद् के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के पत्र के सवाल पर कहा,कौन सा पत्र? मैंने ऐसा कोई पत्र देखा नहीं है। जब तक मैं पत्र को देखूं नहीं तब तक मैं केवल यह जवाब दूंगा कि यह केवल मनगढ़ंत है। नौ पन्ने के पत्र में उन्होंने ऐसी कोई आलोचना नहीं होगी। सवाल पूछने पर नृपेंद्र मिश्रा पत्रकारों पर ही आरोप लगाते हुए कहा कि आप लोग केवल विवाद पैदा करने के लिए मेरे सामने ऐसा प्रस्तुतिकरण कर रहे हैं।

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