
India-China Relations: PM मोदी की शी जिनपिंग से मुलाकात, जानें किन मुद्दों पर हुई बातचीत
India-China Relations: सात साल बाद चीन पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। दोनों के बीच 50 मिनट बातचीत हुई। इसमें मोदी ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया।
India-China Relations: चीन दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से तियानजिन में मुलाकात की। दोनों नेताओं की मुलाकात तियानजिन में हुई, जहां चीनी राष्ट्रपति शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। हालांकि, यह द्विपक्षीय मुलाकात एससीओ शिखर सम्मेलन के इतर हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने आपसी रिश्ते को मजबूत फिर से मजबूत करने पर जोर दिया।
सात साल बाद पीएम मोदी का चीन दौरा
यह पीएम मोदी का सात साल बाद चीन का दौरा है। 2018 के बाद पहली बार उन्होंने शी जिनपिंग से आमने-सामने मुलाकात की। इस दौरान सीमा प्रबंधन, व्यापार और सांस्कृतिक साझेदारी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत हुई। खास बात यह है कि यह मुलाकात ऐसे वक्त पर हुई जब अमेरिका ने भारत और चीन दोनों पर टैरिफ बढ़ा दिए हैं और चीन शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की अध्यक्षता कर रहा है।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा:
भारत-चीन रिश्तों पर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं, लेकिन तियानजिन में हुई मोदी-शी मुलाकात ने साफ कर दिया कि दोनों देश रिश्तों को नया मोड़ देने के लिए तैयार हैं.
सीमा पर शांति बहाल
दोनों नेताओं ने पुष्टि की कि उनके विशेष प्रतिनिधियों ने सीमा प्रबंधन पर समझौता किया है। मोदी ने कहा, ‘डिसएंगेजमेंट के बाद सीमा पर हालात शांतिपूर्ण हैं।’ यह बयान 2020 के लद्दाख विवाद के बाद काफी अहम माना जा रहा है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू
धार्मिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी बड़ा कदम उठाया गया। कैलाश मानसरोवर यात्रा दोबारा शुरू की गई है, जिसे विश्वास बढ़ाने की दिशा में प्रतीकात्मक पहल माना जा रहा है।
भारत-चीन साझेदारी पर सहमति
दोनों नेताओं ने माना कि दुनिया के बड़े संगठन सबकी बात सुनें, ताकत का संतुलन कई देशों में फैले और दक्षिण एशिया में शांति बनी रहे, इसके लिए भारत और चीन को मिलकर काम करना जरूरी है।
शी ने यह भी याद दिलाया कि 2025 में भारत-चीन के आपसी रिश्तों को 75 साल पूरे हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को सोच-समझकर और लंबे समय की सोच के साथ रिश्तों को संभालना चाहिए।
भारत-चीन के बीच डायरेक्ट फ्लाइट्स
लोगों और कारोबार को जोड़ने के लिए दोनों देशों ने सीधी हवाई सेवाएं फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। मोदी ने कहा, “हमारे सहयोग से 2.8 अरब लोगों का हित जुड़ा है और यह पूरी मानवता की भलाई का रास्ता खोलेगा।”





