
Karwa Chauth 2025: नोएडा से लखनऊ तक… जानें करवा चौथ का चांद कब दिखेगा
Karwa Chauth 2025, Shubh Muhurat, Moonrise Time: वो शुभ घड़ी अब आ गई है, जब देशभर में सुहागने चांद को देखकर पति की लंबी उम्र की दुआएं करेंगी. इस साल करवा चौथ का व्रत आज रखा जा रहा है.
Karwa Chauth 2025 Shubh Muhurat, Moonrise Time: देशभर में करवा चौथ का पर्व बड़ी धूमधाम और आस्था के साथ मनाया जाता है. यह दिन हर विवाहित महिला के लिए बेहद खास होता है, क्योंकि इस व्रत का संबंध पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य से जुड़ा है. ऐसे में बाजारों में भी खास रौनक देखने को मिलती है. करवा चौथ का व्रत आज रखा जा रहा है. इस दिन चांद निकलने का समय रात 8 बजकर 14 मिनट बताया जा रहा है. हालांकि भारत के अलग-अलग शहरों में समय अलग हो सकता है.
कब है करवा चौथ 2025? (Karwa Chauth Vrat 2025 Date)
कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ- 09 अक्टूबर को देर रात 10 बजकर 54 मिनट पर
कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का समापन- 10 अक्टूबर को शाम 07 बजकर 38 मिनट पर
करवा चौथ पूजन का मुहूर्त- 05 बजकर 55 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 09 मिनट तक
करवा चौथ 2025 चंद्रोदय का समय (Karwa Chauth Vrat 2025 Moon Rise Time)
दृंक पंचांग के अनुसार, 10 अक्टूबर को शाम 8 बजकर 10 मिनट पर होगा।
करवा चौथ पर शहर के अनुसार चंद्रोदय का समय (Karwa Chauth 2025 Moon Rise Time Citywise )
| शहर | चांद निकलने का समय |
| दिल्ली | रात 08:13 बजे |
| नोएडा | रात 08:12 बजे |
| गुरुग्राम | रात 08:14 बजे |
| मेरठ | रात 08:10 बजे |
| गाजियाबाद | रात 08:12 बजे |
| मुंबई | रात 08:55 बजे |
| कोलकाता | रात 07:42 बजे |
| चेन्नई | रात 08:38 बजे |
| हरिद्वार | रात 08:05 बजे |
| इंदौर | रात 08:34 बजे |
| रायपुर | रात 08:01 बजे |
| लखनऊ | रात 08:02 बजे |
| कानपुर | रात 08:06 बजे |
| गोरखपुर | रात 07:52 बजे |
| प्रयागराज | रात 08:02 बजे |
| गांधीनगर | रात 08:46 बजे |
| अहमदाबाद | रात 08:47 बजे |
| शिमला | रात 08:06 बजे |
| भोपाल | रात 08:26 बजे |
| देहरादून | रात 08:05 बजे |
| चंडीगढ़ | रात 08:09 बजे |
| जयपुर | रात 08:23 बजे |
| पटना | रात 07:48 बजे |
| जम्मू | रात 08:11 बजे |
करवा के बिना अधूरा है करवा चौथ
Karwa Chauth Moon Rise Time : करवा चौथ के व्रत में पूजा के दौरान मिट्टी का करवा (घड़ा) विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है, जिसके बिना करवा चौथ की पूजा अधूरी मानी जाती है। यू तो पृथ्वी पर मानव जीवन की अवधि सीमित है, परंतु मिट्टी का करवा एवं करवा चौथ का विधि-विधान, पति-पत्नी के पंचतत्व से निर्मित नश्वर शरीर को उनकी अजर-अमर आत्मा से जन्म-जन्मान्तरों तक जोड़े रखता है।





