
बिहार से दुनिया तक पहुँची छठ पूजा की दिव्यता, जानें देश के प्रमुख सूर्य मंदिर
Chhath Puja 2025: सूर्य देव और छठी मइया को समर्पित छठ पूजा बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड से लेकर पूरे देश में हर्ष और उल्लास के साथ मनाई जाती है। प्रवासी भारतीयों की बढ़ती संख्या के कारण अब यह पर्व नेपाल, अमेरिका और खाड़ी देशों में भी अपनी पारम्परिक भव्यता के साथ मनाया जाने लगा है। चार दिनों तक चलने वाले इस कठिन व्रत में व्रती निर्जला रहकर सूर्य देव और छठी मइया से संतान सुख, सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना करते हैं।
डूबते और उगते सूर्य को दिया जाता है अर्घ्य
छठ पर्व की सबसे विशेष बात यह है कि इसमें सूर्यास्त और सूर्योदय—दोनों समय सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। मान्यता है कि इससे जीवन में उर्जा, सकारात्मकता और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसी कारण छठ के दौरान देश के विभिन्न सूर्य मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ती है।
देश के प्रमुख सूर्य मंदिर, जहां छठ पूजा का अनोखा नजारा
भारत में कई प्राचीन सूर्य मंदिर हैं, जिनमें कुछ का छठ पूजा से विशेष संबंध है। आइए जानें—
1. बिहार का सूर्य मंदिर (Sun Temple Bihar)
बिहार में छठ महापर्व को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यहां पर छठ की अलग ही रौनक देखने को मिलती है। ऐसे में आप छठ पूजा का नजारा देखने बिहार भी जा सकते हैं। दरअसल, देश के 12 सूर्य मंदिरों में से नौ अकेले बिहार में स्थित हैं।
2. देवार्क मंदिर, औरंगाबाद
औरंगाबाद में स्थित देवार्क मंदिर काफी प्रसिद्ध है। यह मंदिर बिहार के औरंगाबाद जिले के देव नामक स्थान पर स्थित है और भगवान सूर्य को समर्पित है। पूरे देश में मौजूद सूर्य मंदिरों में यह अनोखा है क्योंकि इसके दरवाजे पूरब की ओर नहीं, बल्कि पश्चिम दिशा की ओर हैं।
3. दक्षिणार्क सूर्य मंदिर, गया
बिहार के गया जी में भी एक फेमस सूर्य मंदिर है, जिसे दक्षिणार्क सूर्य मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर भी भगवान सूर्य को समर्पित है। यहां छठ पूजा के समय काफी भव्य आयोजन किया जाता है। श्रद्धालु यहां सूर्य देव की पूजा-अर्चना करने के लिए दूर-दूर से आते हैं। ऐसे में आप भी यहां जाकर छठ पूजा देख सकते हैं।
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4. कोणार्क सूर्य मंदिर, ओडिशा (Konark Sun Temple)
छठ पूजा के मौके पर अगर आप बिहार या उत्तर प्रदेश नहीं जा पाए हैं, तो आप ओडिशा जा सकते हैं। यहां भी छठ की जबरदस्त रौनक देखने को मिलती है। ओडिशा के कोणार्क में स्थित सूर्य मंदिर विश्व प्रसिद्ध है। यह मंदिर भगवान सूर्य को समर्पित है। इसकी संरचना एक विशाल रथ के आकार में बनाई गई है, जिसमें 24 पहिए हैं और इसे सात घोड़े खींच रहे हैं। ये पहिए साल के 12 महीनों और 24 घंटे का प्रतीक हैं।
5. रांची का सूर्य मंदिर (Sun Temple, Ranchi)
झारखंड में भी एक प्रसिद्ध सूर्य मंदिर है, जो राजधानी रांची से करीब 39 किलोमीटर दूर बुंडू नामक स्थान पर स्थित है। यह मंदिर देखने में ओडिशा के कोणार्क सूर्य मंदिर जैसा दिखता है। मकर संक्रांति और छठ पूजा के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
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आस्था और संस्कृति का वैश्विक प्रतीक
भले ही इसकी शुरुआत बिहार और पूर्वी भारत में हुई हो, लेकिन अब छठ पूजा भारतीय संस्कृति की एक वैश्विक पहचान बन चुकी है। प्रवासी भारतीय जहाँ भी बसे—वहीं इस पर्व ने भी अपने कदम जमा लिए।
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