ECI की केंद्रीय टीम का बंगाल दौरा… पांच जिलों में SIR प्रोग्रेस की होगी समीक्षा

West Bangal News: भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) की चार सदस्यीय केंद्रीय टीम मंगलवार को कोलकाता पहुंच रही है। यह टीम पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा करने के लिए चार दिनों के दौरे पर रहेगी। एसआईआर प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई थी और यह आयोग की ओर से मतदाता सूची को अद्यतन करने का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।

दूसरी बार बंगाल दौरे पर सेंट्रल टीम
ये टीम इस महीने में दूसरी बार पश्चिम बंगाल आ रही है। इससे पहले, आयोग की टीम ने उत्तर बंगाल के तीन जिलों में एसआईआर की समीक्षा की थी। अब टीम कोलकाता और दक्षिण बंगाल के जिलों में समीक्षा करेगी।

कौन-कौन हैं टीम में?
केंद्रीय टीम में शामिल हैं:

  • डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश भारती
  • प्रिंसिपल सेक्रेटरी एस.बी. जोशी
  • प्रिंसिपल सेक्रेटरी मलय मलिक
  • डिप्टी सेक्रेटरी अभिनव अग्रवाल

ये अधिकारी 21 नवंबर तक राज्य में रहेंगे।

कौन-कौन से जिले होंगे शामिल?
टीम जिन जिलों में एसआईआर की समीक्षा करेगी, वे हैं:

  • कोलकाता
  • साउथ 24 परगना
  • नादिया
  • मुर्शिदाबाद
  • मालदा

इन जिलों में मतदाता सूची अद्यतन प्रक्रिया की जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा।

यह भी पढ़ें…

BJP नेता का आरोप मुर्शिदाबाद बना अवैध हथियारों का गढ़, राज्य में चरमराई कानून व्यवस्था

एसआईआर की वर्तमान स्थिति क्या है?
सूत्रों के अनुसार:

  • वोटरों के बीच गिनती फॉर्म (Enumeration Forms) बांटने का लगभग पूरा काम हो चुका है।
  • बूथ-लेवल ऑफिसर्स (BLOs) द्वारा इन फॉर्म्स को इकट्ठा करने के बाद डिजिटाइजेशन का काम तेजी से चल रहा है।
  • अब तक 1 करोड़ से अधिक फॉर्म्स का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है।

पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) के अनुसार, 27 अक्टूबर तक राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7,66,37,529 है।

यह भी पढ़ें…

काली मंदिर की मूर्ति खंडित होने से चांदनगर में तनाव, जांच में जुटी पुलिस

SIR प्रक्रिया कब तक चलेगी?
एसआईआर की तीन चरणों वाली प्रक्रिया अगले साल मार्च 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।

कौन-कौन मतदाता स्वतः मान्य माने जाएंगे?

  • जिन लोगों के नाम या उनके माता-पिता के नाम 2002 की मतदाता सूची में मौजूद थे, उन्हें बिना किसी दस्तावेज़ के स्वतः वैध मतदाता माना जाएगा।
  • जिन लोगों के नाम 2002 की सूची में नहीं थे, उन्हें वोटर रजिस्ट्रेशन बनाए रखने के लिए ECI की ओर से निर्धारित 11 दस्तावेज़ों में से कोई एक जमा करना होगा।

यह भी पढ़ें…

NCRB के चौकाने वाले आंकड़े, पश्चिम बंगाल में बढ़े एसिड अटैक के मामले…

Back to top button