बृजभूषण शरण सिंह ने सेंगर को लेकर किया खुलासा, कहा- उनके खिलाफ साजिश हुई

Unnao Rape Case: उन्नाव बलात्कार मामले में दोषी भाजपा से निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली उच्च न्यायालय ने जमानत दे दी है। अदालत ने सेंगर की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाते हुए यह कहा कि उन्होंने पहले ही सात साल पांच महीने जेल में काट लिए हैं। सेंगर ने दिसंबर 2019 में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी और उनकी अपील लंबित है।

समर्थन में आयें बृजभूषण शरण सिंह
कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने के बाद भाजपा नेता और कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सेंगर के खिलाफ षड्यंत्र हुआ और उनके साथ अन्याय किया गया।

उन्होंने कहा,

“कुलदीप सेंगर के खिलाफ वैसे ही साजिश रची गई थी जैसे मेरे खिलाफ हुई थी। दुर्भाग्य से वह इस स्थिति से बाहर नहीं निकल पाए। लेकिन मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूं कि उनके खिलाफ साजिश हुई थी और यह आज भी जारी है।”

अदालत का फैसला और कानूनी प्रक्रिया
पूर्व सांसद ने कहा कि अदालत का फैसला सभी को मानना चाहिए और विरोध प्रदर्शनों से कुछ हासिल नहीं होगा। जब सेंगर जेल में थे, तब उनके परिवार या समर्थकों ने कोई विरोध प्रदर्शन नहीं किया और उन्होंने कानूनी प्रक्रिया का पालन किया।

खड़गे ने यह भी कहा कि यदि कोई सुप्रीम कोर्ट जाना चाहता है, तो यह उसका अधिकार है।

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निचली अदालत के फैसले को दी थी चुनौती
सेंगर ने 2019 में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने उनकी उम्रकैद की सजा निलंबित कर दी, और यह निर्णय उनकी अपील लंबित रहने तक लागू रहेगा।

अदालत ने यह भी ध्यान दिया कि सेंगर पहले ही सात साल पांच महीने जेल में रह चुके हैं।

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राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
सेंगर की जमानत से राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ गई है। बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन ने भाजपा के भीतर अलग-अलग रायों को उजागर किया है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि अब मामला उच्च न्यायालय की अपील प्रक्रिया और आगामी कानूनी लड़ाई में नई दिशा ले सकता है।

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