लखनऊ में ग्रीन मोबिलिटी को नई उड़ान, अशोक लेलैंड की EV प्लांट का CM ने किया उद्घाटन

CM Yogi and Rajnath in Lucknow: योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में ‘औद्योगिक क्रांति’ लाई है। यहां राजधानी लखनऊ में अशोक लेलैंड का प्लांट का उद्घाटन आज हुआ है। इस मौके पर सीएम योगी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद हैं।

CM Yogi and Rajnath in Lucknow: आज लखनऊ वालों को बड़ी सौगात मिलने वाली है। राजधानी में सरोजनी नगर स्थित स्कूटर इंडिया क्षेत्र में नव निर्मित हिन्दुजा ग्रुप के अशोक लेलैंड प्लांट का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व रक्षामंत्री ने किया। सीएम योगी ने फैक्ट्री का उद्घाटन करने के बाद ई-बस में सफर भी किया। फैक्ट्री का निर्माण सरोजनी नगर इलाके में करीब 70 एकड़ में किया गया है। यहां पर ई-बस, ई-ट्रेवलर और ई-लोडिंग वाहन बनाए जाएंगे।

सीएम योगी ने किया फैक्ट्री का उद्घाटन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह हमारे लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इसके लिए मैं हिंदुजा परिवार को बधाई देता हूं। यह निवेश बताया है कि यूपी में बीते आठ वर्षों में क्या परिवर्तन हुए हैं। प्रदेश के हर जिले में निवेश हो रहा है। जो कि बताता है कि अब यूपी अनलिमिटेड पोटेंशियल का ही प्रदेश नहीं बल्कि पोटेंशियल को परिणाम में बदलने वाला प्रदेश बन चुका है।

इस मौके पर भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि यह सिर्फ प्रदेश के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए आत्मनिर्भर भारत और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम है। यह भारत के कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

निवेश और रोजगार का मौका

कानपुर रोड स्थित सरोजिनी नगर एक्सटेंशन-1 स्थित औद्योगिक क्षेत्र (स्कूटर्स इंडिया साइट) में स्थापित यह नया संयंत्र उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन इकोनॉमी’ बनाने की दिशा में एकअहम कदम है, जो न सिर्फ हरित परिवहन को बढ़ावा देगा, बल्कि हजारों नए रोजगार के मौके बढ़ेंगे. यह प्रदेश के औद्योगिक विकास और पर्यावरण-अनुकूल प्रगति का प्रतीक है. यह फैक्टरी इलेक्ट्रिक बसों और वाहनों के उत्पादन पर केंद्रित होगी.

पहले स्कूटर्स इंडिया साइट के नाम से पहचानी जाने वाली यह इकाई अब स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देगी। यह संयंत्र प्रदेश में निवेश, रोजगार सृजन और तकनीकी विकास के नए अवसर पैदा करेगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना यूपी को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाने के साथ-साथ वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।

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