
UP में संपत्ति हस्तांतरण में छूट, परिवार के बीच गिफ्ट डीड पर केवल ₹5,000 स्टांप शुल्क
UP property transfer: उत्तर प्रदेश में संपत्ति हस्तांतरण के नियमों को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बड़ा और जनहितकारी बदलाव किया है। इस फैसले से अब परिवार के भीतर संपत्ति का ट्रांसफर न केवल आसान होगा, बल्कि पहले के मुकाबले बेहद सस्ता भी हो जाएगा।
राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया। बैठक में कुल 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
अब हर तरह की संपत्ति पर सिर्फ ₹5,000 स्टांप शुल्क
सरकार के नए फैसले के तहत अब परिवार के सदस्यों के बीच किसी भी प्रकार की संपत्ति—
- आवासीय
- कृषि
- वाणिज्यिक (कमर्शियल)
- औद्योगिक (इंडस्ट्रियल)
को दान (Gift Deed) के जरिए ट्रांसफर करने पर अधिकतम ₹5,000 का ही स्टांप शुल्क देना होगा। यह नियम संपत्ति के बाजार मूल्य से पूरी तरह अप्रभावित रहेगा और शहरी व ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में समान रूप से लागू होगा।
अब तक यह सुविधा केवल आवासीय और कृषि भूमि तक सीमित थी, लेकिन योगी सरकार ने इसे विस्तार देते हुए व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों को भी इसके दायरे में ला दिया है।
पहले कितना देना पड़ता था शुल्क?
प्रेसवार्ता में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि पहले व्यावसायिक संपत्तियों के हस्तांतरण पर—
- शहरी क्षेत्रों में 7%
- ग्रामीण क्षेत्रों में 5%
स्टांप शुल्क देना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से आवासीय और कृषि संपत्तियों के लिए ₹5,000 स्टांप शुल्क की व्यवस्था लागू थी, लेकिन अब इसे व्यावसायिक और औद्योगिक जमीनों पर भी लागू कर दिया गया है। इससे व्यापारियों, उद्यमियों और परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
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कुशीनगर और झांसी में खुलेंगे नए रजिस्ट्री कार्यालय
कैबिनेट बैठक में जनपद कुशीनगर की तहसील कप्तानगंज और जनपद झांसी में नए स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन कार्यालय खोलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। इससे स्थानीय लोगों को रजिस्ट्री संबंधी कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और प्रक्रिया और अधिक सुगम होगी।
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क्या है फैसले का असर?
विशेषज्ञों के मुताबिक, संपत्ति हस्तांतरण पर स्टांप शुल्क में यह छूट—
- पारिवारिक विवादों को कम करेगी
- बेनामी लेन-देन पर रोक लगाएगी
- उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देगी
- आम लोगों पर आर्थिक बोझ घटाएगी
योगी सरकार का यह फैसला परिवार, व्यापार और निवेश—तीनों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।
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