
PM Modi का नया ऑफिस ‘सेवा तीर्थ’… मकर संक्रांति पर ऐतिहासिक शुरुआत
Seva Tirth: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 14 जनवरी 2026 से अपने कार्यालय को साउथ ब्लॉक से नए ‘सेवा तीर्थ’ कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट कर रहे हैं। यह शिफ्ट 1947 के बाद पहली बार पीएमओ(PMO) के नए परिसर में जाने का ऐतिहासिक अवसर है।
नए कार्यालय का उद्देश्य केवल आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना नहीं है, बल्कि सरकारी कामकाज को अधिक कुशल बनाना और औपनिवेशिक विरासत से मुक्ति भी है।
सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स
- कॉम्प्लेक्स नई दिल्ली के एक्जीक्यूटिव एन्क्लेव में स्थित है, रायसीना हिल के पास।
- ‘सेवा तीर्थ-1’ इमारत पीएमओ के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है।
- पुराने साउथ और नॉर्थ ब्लॉक अब ‘युगे युगेन भारत संग्रहालय’ में परिवर्तित किए जाएंगे।
कॉम्प्लेक्स का कुल क्षेत्रफल 2,26,203 वर्ग फुट है और निर्माण की कुल लागत 1,189 करोड़ रुपये रही। निर्माण कार्य लार्सन एंड टुब्रो कंपनी द्वारा किया गया।
तीन प्रमुख इमारतें
- सेवा तीर्थ-1: प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए, आधुनिक वर्कस्पेस और सेरेमोनियल रूम के साथ।
- सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सेक्रेटेरिएट का कार्यालय, जो पिछले साल सितंबर से चालू है।
- सेवा तीर्थ-3: नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के लिए।
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खासियत और सुविधाएं
- आधुनिक और इको-फ्रेंडली डिज़ाइन: ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल।
- कुशल कामकाज: मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय और कार्यालय संचालन।
- सेवा थीम: पीएम मोदी की ‘सेवा ही संगठन’ सोच का प्रतीक, ग्रैंड सेरेमोनियल रूम समारोहों के लिए।
- सुरक्षा और सुविधा: हाई-टेक सुरक्षा सिस्टम और आसान पहुंच।
- ऐतिहासिक महत्व: साउथ ब्लॉक से बाहर जाकर स्वतंत्र भारत की पहचान को बल देना।
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ऐतिहासिक पल और मकर संक्रांति का शुभ अवसर
प्रधानमंत्री मोदी आज मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर नए कार्यालय में काम शुरू करेंगे। इस शिफ्ट से पुराने साउथ और नॉर्थ ब्लॉक अब ‘युगे युगेन भारत संग्रहालय’ में बदल जाएंगे।
‘सेवा तीर्थ’ कॉम्प्लेक्स आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए नई कार्यशैली और आधुनिक प्रशासन का प्रतीक बनेगा।
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