
बाराबंकी टोल प्लाजा-वकील बवाल पर बड़ा एक्शन, NHAI ने खत्म किया कंपनी का ठेका
Barabanki Toll Plaza News: लखनऊ से बड़ी संख्या में बाराबंकी पहुंचे वकीलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस ने टोल मैनेजर सहित 5 लोगों को भेजा जेल।
Barabanki Toll Plaza News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में टोल प्लाजा पर वकील की पिटाई के बाद शुरू हुए बवाल के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा कदम उठाया है। लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे (NH-731) पर स्थित बारा टोल प्लाजा पर बुधवार, 14 जनवरी 2026 को वरिष्ठ अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला के साथ कथित तौर पर टोल कर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने से मामला गंभीर रूप ले लिया है। घटना के विरोध में वकीलों ने गुरुवार और शुक्रवार को भारी प्रदर्शन किया, अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गयी।
टोल कर्मियों ने वकील को पीटा
घटना का आरंभ एक सामान्य विवाद से हुआ। वकील अपनी कार से लखनऊ हाईकोर्ट जा रहे थे, जब उनके वाहन का FASTag बैलेंस समाप्त होने के कारण टोल भुगतान में टकराव हुआ। आरोप है कि इससे नाखुश टोल कर्मियों ने उन्हें बाहर दौड़ा-दौड़ा कर बेरहमी से पीटा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ, जिससे वकील समाज में व्यापक आक्रोश फैल गया।
वकीलों ने किया जोरदार प्रदर्शन
वकीलों ने गुरुवार को बारा टोल प्लाजा पर पहुंचकर नारेबाज़ी की, बूम बैरियर्स तोड़े और टोल ऑपरेशन को कई घंटों तक बाधित रखा। इसका परिणाम यह हुआ कि कई घंटे तक टोल प्लाज़ा पूरी तरह से फ्री रहा और वाहन बिना शुल्क दिए गुजरते रहे।
यूपी के बाराबंकी हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला से मारपीट मामले में NHAI ने कार्रवाई किया। टोल कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया है।
कंपनी को एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया। और 6 करोड़ रुपये का डिपोजिट जब्त किया। मारपीट करने वाले 5 गुंडे 307 में गिरफ्तार हो चुके है pic.twitter.com/k3eNkzWN6h
— Voice Of Brahmins (@VoiceOfBrahmins) January 17, 2026
पुलिस ने दोषियों को हिरासत में लिया
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर टोल मैनेजर सहित कुल पांच कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर अधिवक्ता से मारपीट के आरोप हैं। प्रशासन ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
NHAI का बड़ा फैसला, अनुबंध रद्द
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मामले को गंभीर मानते हुए SKYLARK Infra Engineering Pvt Ltd (टोल एजेंसी) का कॉन्ट्रैक्ट तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। प्राधिकरण ने एजेंसी पर एक साल तक किसी भी भविष्य की बोली/अनुबंध में भाग लेने से प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भी किया है। साथ ही वर्तमान अनुबंध के तहत जमा ₹5.3 करोड़ बैंक गारंटी/प्रदर्शन सुरक्षा राशि को जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
NHAI ने पुराने एजेंसी के हटने के बाद एक नई एजेंसी को टोल संचालन के लिए नियुक्त किया है ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके और नागरिकों को परेशानी न हो।
समाज और कानून व्यवस्था पर प्रभाव
यह घटना न सिर्फ एक व्यक्ति के प्रति हिंसा का मामला है, बल्कि कानूनी पेशेवरों के साथ दुर्व्यवहार के रूप में भी देखी जा रही है, जिससे न्याय व्यवस्था की गरिमा पर सवाल उठे हैं। बार काउंसिल और वकील संगठनों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बाराबंकी के बारा टोल प्लाजा विवाद ने न केवल एक व्यक्तिगत संघर्ष को सांकेतिक रूप दिया है, बल्कि टोल संचालन, अनुबंध प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा के मानकों पर गंभीर सवाल भी उठाए हैं। प्रशासन और NHAI की त्वरित कार्रवाइयों ने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की है, पर वकीलों की मांगें और जांच जारी हैं।





