लखनऊ में ‘फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ का आगाज़… राजधानी में जुटे फार्मा सेक्टर के दिग्गज

Pharma Conclave 1.0: 3 फरवरी का दिन उत्तर प्रदेश के औद्योगिक भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राजधानी लखनऊ में ‘फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ का भव्य शुभारंभ किया गया।

इस कॉन्क्लेव में देश-विदेश की प्रमुख फार्मा कंपनियों के निदेशक, सीईओ, नीति-निर्माता, निवेशक और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र के विशेषज्ञ बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजन का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देना और फार्मा सेक्टर में प्रदेश की संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना है।

योगी सरकार का विज़न: यूपी बने फार्मा हब
कार्यक्रम में सरकार की फार्मा और मेडिकल डिवाइस नीति को विस्तार से रखा गया। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध है।

सरकार का लक्ष्य है कि:

  • प्रदेश में नई फार्मा यूनिट्स स्थापित हों
  • रोजगार के बड़े अवसर सृजित किए जाएं
  • दवाओं और मेडिकल उपकरणों के उत्पादन में यूपी अग्रणी राज्य बने

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निवेशकों में दिखा उत्साह
कॉन्क्लेव के दौरान कई फार्मा कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश में गहरी रुचि दिखाई। पैनल चर्चाओं में रिसर्च एंड डेवलपमेंट, जेनेरिक दवाएं, बायोटेक्नोलॉजी और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग जैसे विषयों पर मंथन हुआ।

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लखनऊ बन रहा हेल्थकेयर का नया केंद्र
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से लखनऊ न केवल प्रशासनिक राजधानी बल्कि हेल्थकेयर और फार्मा इंडस्ट्री का केंद्र बनकर उभरेगा।

‘फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर भारत के विज़न से जोड़ते हुए औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखने की दिशा में एक मजबूत पहल मानी जा रही है।

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