ट्रंप के दबाव में झुका ईरान? यूरेनियम डील और न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने के संकेत

Iran-US Nuclear Programe: ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव में बड़ा मोड़ आता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताज़ा बयान के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम भंडार को लेकर किसी बड़ी डील के लिए तैयार हो सकता है।

सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हमारे जहाज अभी ईरान की तरफ जा रहे हैं, बड़े-बड़े जहाज… और हमारी ईरान के साथ बातचीत चल रही है। देखते हैं सब कैसा रहता है। ईरान बातचीत के लिए तैयार लग रहा है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

यूरेनियम भंडार पर समझौते के संकेत
सूत्रों के मुताबिक, ईरान उस यूरेनियम को लेकर समझौते पर विचार कर रहा है, जिसे परमाणु बम निर्माण के लिए संवेदनशील माना जाता है। माना जा रहा है कि संभावित डील के तहत ईरान

  • उच्च स्तर पर संवर्धित (Enriched) यूरेनियम का भंडारण सीमित करेगा
  • परमाणु गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी को मंजूरी दे सकता है
  • न्यूक्लियर प्रोग्राम को अस्थायी या स्थायी रूप से रोकने पर सहमत हो सकता है

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खामेनेई पर बढ़ा दबाव
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर आर्थिक प्रतिबंधों, सैन्य दबाव और अंतरराष्ट्रीय अलगाव का असर साफ दिख रहा है। अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों और कूटनीतिक दबाव के बीच तेहरान के नरम रुख को “रणनीतिक मजबूरी” के तौर पर देखा जा रहा है।

अमेरिका का सख्त लेकिन खुला रुख
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में कोई कदम न बढ़ाए, लेकिन बातचीत का रास्ता अभी खुला है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यदि ईरान ठोस प्रतिबद्धता दिखाता है, तो प्रतिबंधों में राहत जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।

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मध्य पूर्व और वैश्विक राजनीति पर असर
अगर यह डील होती है, तो इसका असर सिर्फ ईरान-अमेरिका संबंधों तक सीमित नहीं रहेगा।

  • मध्य पूर्व में तनाव कम हो सकता है
  • इज़राइल और खाड़ी देशों की रणनीति बदलेगी
  • वैश्विक ऊर्जा बाजार और कूटनीतिक संतुलन पर भी प्रभाव पड़ेगा

हालांकि, अभी तक ईरान की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी “सरेंडर” या अंतिम समझौते की पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन ट्रंप के बयान ने यह साफ कर दिया है कि ईरान-अमेरिका परमाणु डील पर बातचीत निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।

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