
Iran संकट के बीच भारत सुरक्षित… PM Modi ने बताई सरकार की पूरी तैयारी
PM Modi Speech: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े हालात के बीच देश में संभावित असर को लेकर चिंताएं बढ़ रही थीं। खासकर किसानों और खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे थे। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में देश को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और ऐसी कोई स्थिति नहीं आने दी जाएगी जिससे किसानों या आम जनता को नुकसान हो।
तीन स्तरों पर काम कर रही सरकार
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार इस संकट से निपटने के लिए शॉर्ट-टर्म, मीडियम-टर्म और लॉन्ग-टर्म रणनीति पर काम कर रही है।
- शॉर्ट-टर्म प्लान के तहत जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रण में रखने पर जोर दिया जा रहा है।
- मीडियम-टर्म रणनीति में वैकल्पिक आयात स्रोतों की पहचान और सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में काम हो रहा है।
- लॉन्ग-टर्म प्लान में देश को कृषि और ऊर्जा के मामले में और अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
किसानों को लेकर स्पष्ट आश्वासन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार का सबसे बड़ा फोकस यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध जैसी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का सीधा असर देश के किसानों पर न पड़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि खाद, डीजल, बीज और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अनाज भंडार पर्याप्त
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में फिलहाल अनाज की कोई कमी नहीं है। सरकारी भंडारों में पर्याप्त मात्रा में गेहूं और चावल उपलब्ध है, जिससे आम जनता और किसानों दोनों की जरूरतें आसानी से पूरी की जा सकती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
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महंगाई पर भी नजर
ईरान संकट का असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए जरूरी कदम उठा रही है और आम लोगों को राहत देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
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विपक्ष के सवालों का जवाब
लोकसभा में विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार हर स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लेने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के हित सर्वोपरि हैं और किसी भी वैश्विक संकट का मुकाबला करने की पूरी क्षमता भारत के पास है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री का यह बयान देश के किसानों और आम जनता के लिए राहत भरा माना जा रहा है। सरकार की बहु-स्तरीय रणनीति यह संकेत देती है कि भारत संभावित संकटों से निपटने के लिए पहले से तैयार है और खाद्य सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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