
CM Yogi का बड़ा फैसला, UP में नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू; अधिकारियों को झटका
UP New Transfer Policy: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में राज्य सेवा के अधिकारियों व कर्मचारियों की वर्ष 2026-27 की स्थानांतरण नीति को स्वीकृति मिल गई है।
UP New Transfer Policy: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को प्रदेश कैबिनेट ने तबादला नीति 2026-27 को मंजूरी दे दी। योगी सरकार द्वारा मंजूर की गई तबादला नीति के तहत स्थानांतरण के लिए तीन साल और सात साल का कटऑफ अवधि 31 मार्च माना जाएगा। किसी विभाग का यदि जिले में कोई अन्य कार्यालय नहीं है तो कार्मिक का पटल या क्षेत्र का बदलाव 13 मई 2022 को जारी शासनादेश के आधार पर किया जाएगा।
कर्मचारियों को योगी सरकार का तोहफा
इस नीति के तहत एक ही जिले में तीन वर्ष व मंडल में सात वर्ष से अधिक समय से तैनात समूह ‘क’ व ‘ख’ के अधिकारियों व कर्मचारियों का तबादला किया जाएगा। नीति में पति-पत्नी और दिव्यांगों को मनचाही तैनाती के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।
समूह ‘ग’ के कर्मचारियों का जिला परिवर्तन न होने की स्थिति में पटल परिवर्तन अवश्य किया जाएगा। यह अधिकतम 10 प्रतिशत किया जाएगा। नीति के तहत तबादले हर हाल में 31 मई तक पूरे करने होंगे। पिछले वर्ष 15 मई से 15 जून तक तबादले किए गए थे।
क्या है नई तबादला नीति का मकसद?
सरकार का कहना है कि इस नीति का मकसद प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुचारू बनाना है. सरकार का मत है कि इससे विभागों में कामकाज की गति बेहतर होगी और कर्मचारियों की तैनाती में संतुलन सुनिश्चित किया जा सकेगा.
2026-27 के लिए है स्थानांनतरण नीति
हालांकि, सरकारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह स्थानांनतरण नीति सिर्फ वर्ष 2026-27 के लिए है. आदेश में कहा गया है कि स्थानांनतरण दिनांक 31 मई 2026, तक किए जाएंगे. आदेश में कहा गया है कि समूह ‘क’ एवं समूह ‘ख’ के अधिकारी जो अपने सेवाकाल में संबंधित जनपद में कुल 03 वर्ष पूर्ण कर चुके हों, को उक्त जनपदों से स्थानान्तरण किये जाने की व्यवस्था एवं समूह ‘क’ एवं समूह ‘ख’ के जो अधिकारी अपने सेवाकाल में एक मण्डल में 07 वर्ष पूर्ण कर चुके हों, को उक्त मण्डल से स्थानान्तरित कर दिया जाय.
आदेश में कहा गया कि, “विभागाध्यक्ष / मण्डलीय कार्यालयों में की गयी, तैनाती अवधि को स्थानान्तरण हेतु उक्त निर्धारित अवधि में नहीं गिना जायेगा. मण्डलीय कार्यालयों में तैनाती की अधिकतम अवधि 03 वर्ष होगी तथा इस हेतु सर्वाधिक समय से कार्यरत अधिकारियों के स्थानान्तरण प्राथमिकता के आधार किये जाने की व्यवस्था की गयी है.”





